Highlights :
भोपाल ISBT पर DRI की 18 दिनों में तीसरी बड़ी कार्रवाई।
दिल्ली से आई बस के दो यात्रियों से 4.321 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त।
जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 3.45 करोड़ रुपये।
Bhopal ISBT Methamphetamine Seizure : राजधानी भोपाल का आईएसबीटी बस स्टेंड ड्रग्स तस्करी के बड़े ट्रांजिट पॉइंट के रूप में सामने आ रहा है। पिछले 18 दिनों में यहां डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।
रविवार तड़के दिल्ली से आई बस से उतरे दोनों आरोपियों के पास से 4.321 किलोग्राम हाई ग्रेड मेथामफेटामाइन बरामद की गई। जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 3.45 करोड़ रुपये आंकी गई है।
DRI को सूचना मिली दिल्ली से भोपाल आ रही बस में दो यात्री मादक पदार्थ लेकर भोपाल पहुंचने वाले हैं। बस के ISBT पहुंचते ही अधिकारियों ने दोनों संदिग्धों को घेर लिया। तलाशी में पहले आरोपी के बैग से भूरे टेप में लिपटे आठ पैकेट मिले। इनमें 4.071 किलोग्राम सफेद क्रिस्टल के रूप में मेथामफेटामाइन रखी थी।
दूसरे आरोपी की पैंट में छिपाए गए काले पाउच से दो पैकेट बरामद हुए। हर एक पैकेट में 125 ग्राम सफेद क्रिस्टल पदार्थ था। इस तरह कुल 4.321 किलोग्राम ड्रग्स जब्त की गई। फील्ड टेस्ट किट से जांच में पदार्थ के मेथामफेटामाइन होने की पुष्टि हुई। दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
ISBT से ड्रग्स तस्करी के मामले में DRI की ये तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 14 अक्टूबर को दिल्ली से बेंगलुरु जा रही बस में एक महिला यात्री के पास से 2.08 करोड़ रुपये कीमत की एम्फैटेमिन बरामद हुई थी। इसके बाद 20 अक्टूबर को दिल्ली से भोपाल पहुंची बस के एक यात्री के दो ट्रॉली बैग से 9.139 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त की गई थी। इसकी कीमत करीब 7.32 करोड़ रुपये बताई गई थी।
तीनों कार्रवाइयों को मिलाकर अब तक 13.46 किलोग्राम से अधिक सिंथेटिक ड्रग्स जब्त की जा चुकी है। इनकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 12.85 करोड़ रुपये बताई गई है। लगातार बरामदगी से दिल्ली से भोपाल और आगे दक्षिण भारत तक संभावित तस्करी नेटवर्क की आशंका बढ़ गई है।
ISBT परिसर में पुलिस चौकी और पेट्रोलिंग व्यवस्था होने के बावजूद तीनों बड़ी कार्रवाइयां DRI के इनपुट पर हुईं। लगातार दिल्ली रूट की बसों से ड्रग्स मिलने के बाद स्थानीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अंतरराज्यीय स्लीपर बसों में यात्रियों के सामान और संदिग्ध गतिविधियों की रैंडम जांच को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
मेथामफेटामाइन एक उत्तेजक पदार्थ होता हैं। ये एक प्रकार की दवा है जो लोगों को कम नींद की आवश्यकता के साथ जागते रहने और लगातार गतिविधि करने में सक्षम बनाती है। इसे ड्रग्स गोलियों,पाउडर या आइस नामक मोटे क्रिस्टल के रूप में बनाई जाती हैं। आइस जिसे क्रिस्टल मेथ भी कहा जाता है ये एक लोकप्रिय ड्रग है खासकर युवाओं और उन लोगों के बीच जो अक्सर डांस क्लबों और पार्टियों में जाते हैं।
जांच का अहम पहलू ये है कि भोपाल का इस्तेमाल केवल ड्रग्स पहुंचाने के ट्रांजिट पॉइंट के रूप में हो रहा है या यहां से आगे सप्लाई करने वाला कोई संगठित नेटवर्क भी सक्रिय है। तीन तीन कार्रवाइयों होने के बाद सबसे बड़ा सवाले ये निकल कर आ रहा है क्या अब भोपाल का ISBT बस स्टेंड ड्रग्स का नया ट्रांजिट पॉइंट बन रहा है।