यूनियन कार्बाइड की राख में पारे की मौजूदगी पर रिपोर्ट MP हाईकोर्ट में पेश; 27 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

Mercury in Toxic Ash: यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में पारे की मौजूदगी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश। 27 नवंबर 2026 को होगी अगली सुनवाई।
Union Carbide Ash Mercury Report In MP High Court
जबलपुर हाईकोर्ट(फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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HIGHLIGHTS:

  • यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे की राख में पारे की मौजूदगी पर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश।

  • दूषित पानी की आशंका के बीच पर्यावरणीय जांच रिपोर्ट पर बढ़ी नजरें।

  • 2004 में दायर हुई थी याचिका, 22 साल से जारी है कानूनी लड़ाई।

  • 27 नवंबर को अगली सुनवाई, वकीलों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश।

Union Carbide Ash Mercury Report In MP High Court: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की इस रिपोर्ट में कचरे को जलाने के बाद बची राख में पारे की मौजूदगी से संबंधित जानकारी दी गई है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए अगली सुनवाई 27 नवंबर 2026 को तय की है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई में पक्षकारों के वकीलों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दलीलें रखनी होंगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस की अनुमति नहीं होगी।

2004 में दायर हुई थी याचिका

यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के जहरीले कचरे के निपटान की मांग को लेकर आलोक प्रताप सिंह ने वर्ष 2004 यानी लगभग 22 साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की मृत्यु के बाद भी अदालत ने मामले की सुनवाई जारी रखी। बाद में कोर्ट के आदेश के तहत कारखाने का जहरीला कचरा धार जिले के पीथमपुर स्थित अपशिष्ट निपटान केंद्र में ले जाकर नष्ट करने की प्रक्रिया अपनाई गई।

दूषित पानी की आशंका पर जांच

कचरे के निपटान के बाद भी यूनियन कार्बाइड परिसर के आसपास के इलाकों में दूषित पानी की आशंका का मुद्दा अदालत में उठा था। इस पर हाईकोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति के माध्यम से पानी के नमूनों की जांच कराने और विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। पिछली सुनवाई में पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट अदालत में पेश की गई थी। इसके बाद कचरे को जलाने से बची राख में पारे की मौजूदगी का मुद्दा सामने आया।

राख से जुड़ी रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर

सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राख में पारे की मौजूदगी से संबंधित रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की। इससे पहले सरकार की ओर से जांच के निर्धारित मानकों के भीतर होने की जानकारी दी गई थी। अब हाईकोर्ट ने राख से संबंधित नई रिपोर्ट को भी रिकॉर्ड पर ले लिया है। हालांकि रिपोर्ट में पारे की वास्तविक मात्रा और उससे जुड़े निष्कर्षों का विस्तृत विवरण अभी स्पष्ट नहीं है। इसलिए केवल रिपोर्ट पेश होने के आधार पर पर्यावरणीय नुकसान या मानकों के उल्लंघन का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

27 नवंबर को आमने-सामने होंगे वकील

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर 2026 को निर्धारित की है। अदालत ने निर्देश दिया है कि संबंधित पक्षों के अधिवक्ता अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बहस नहीं होगी। अब अगली सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर पक्षकारों की दलीलें सुनी जाएंगी।

अगली सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान से जुड़ा यह मामला पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजर 27 नवंबर को होने वाली सुनवाई पर रहेगी, जहां राख में पारे की मौजूदगी से संबंधित रिपोर्ट पर आगे की दलीलें रखी जाएंगी।

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