

Bhopal Auto Rickshaw Emotional Message: राजधानी भोपाल की सड़कों पर इन दिनों एक ऑटो लोगों का खास ध्यान आकर्षित कर रहा है। इस ऑटो के अंदर और बाहर बड़े अक्षरों में लिखा है कि झूठे केस मत करो, चाहे फ्री में छोड़ दूंगा लेकिन किसी गरीब को झूठे मामलों में मत फंसाओ।
यह संदेश पढ़कर राहगीर और यात्री हैरान रह जाते हैं और ऑटो चालक से इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश करते हैं। चालक की आपबीती सुनने के बाद कई लोग भावुक भी हो जाते हैं।
ऑटो चालक के मुताबिक करीब पांच साल पहले महज 5 रुपये के किराए को लेकर एक युवक से उसका विवाद हो गया था। चालक का आरोप है कि इसके बाद उस युवक ने अपने परिवार की एक महिला के जरिए उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करा दिया। इतना ही नहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उसके परिवार के साथ मारपीट भी की गई। चालक का कहना है कि उस घटना के बाद से वह लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहा है और न्याय मिलने का इंतजार कर रहा है।
ऑटो चालक का कहना है कि जब किसी महिला की ओर से किसी व्यक्ति पर आरोप लगाया जाता है, तो समाज और व्यवस्था अक्सर बिना पूरी सच्चाई जाने ही उसे दोषी मान लेते हैं। इसी अनुभव ने उसे भीतर तक झकझोर दिया। लोगों को जागरूक करने और अपनी पीड़ा साझा करने के उद्देश्य से उसने अपने ऑटो पर यह संदेश लिखवाया। उसका कहना है कि वह किसी कानून या व्यक्ति का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि केवल यह अपील करना चाहता है कि किसी भी गरीब और निर्दोष व्यक्ति को झूठे मामलों में न फंसाया जाए।
ऑटो चालक का कहना है कि यदि किसी जरूरतमंद को सहायता की आवश्यकता होगी तो वह उसे बिना किराया लिए उसकी मंजिल तक छोड़ने के लिए भी तैयार है, लेकिन किसी की जिंदगी झूठे आरोपों के कारण बर्बाद नहीं होनी चाहिए।
राजधानी भोपाल की सड़कों पर दौड़ता यह अनोखा ऑटो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। राहगीर और यात्री न केवल ऑटो पर लिखे संदेश को ध्यान से पढ़ रहे हैं, बल्कि चालक से उसकी पूरी कहानी भी सुन रहे हैं। कई लोग इसे समाज के लिए एक गंभीर संदेश मान रहे हैं, जो न्याय, संवेदनशीलता और सत्य की अहमियत को उजागर करता है।