MP Nigam Mandal: महाकाल की नगरी में मंत्रियों का दरबार, निगम-मंडल में अकेले उज्जैन से 9 को मंत्री का दर्जा
Appointments In MP Nigam mandal: उज्जैन का दबदबा देखने को मिला है। 60 में से 9 नियुक्तियां उज्जैन से हुई हैं। CM और तोमर के समर्थकों को तवज्जो मिली है। शिवराज और सिंधिया के समर्थक पीछे रह गए हैं।
- Reported By: सुधीर दंडोतिया | Edited By: प्रीतेश जैन
वल्लभ भवन (फोटो सोर्स : सोशल मीडिया)
MP Board Chief Appointments : मध्य प्रदेश के निगम-मंडल में हुई नियुक्तियों में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का जलवा देखने को मिला है। अकेले उज्जैन से 9 लोगों को शामिल कराकर मुख्यमंत्री ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। यही नहीं जातिगत आधार पर भी निगम मंडल में 4 यादवों को अध्यक्ष बनाया गया है। मुख्यमंत्री के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थकों को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई है। वहीं सिंधिया और शिवराज का दबदबा कम नजर आया है।
इस आधार पर हुई नियुक्ति
2023 के चुनाव में जिन्हें टिकट नहीं मिला या कट गया, उन्हें एडजस्ट करना जरूरी माना गया। इनमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और प्रभाव वाले नेता शामिल हैं। कम अंतर से हारने वालों को 2028 के लिए एक्टिव रखने के लिए निगम-मंडल में पद दिए जा रहे हैं। लंबे समय से काम कर रहे, लेकिन पद नहीं पाने वालों को छोटे या मध्यम बोर्ड-कॉर्पोरेशन में जगह दी जाएगी। कुछ नेताओं को एडजस्ट करने के लिए क्राइटेरिया भी दरकिनार किया गया है।
किस क्षेत्र से कितने मंत्री दर्जा?
अब तक निगम-मंडल में हुई न्युक्ति में अकेले उज्जैन से 9 मंत्री दर्जा अध्यक्ष , उपाध्यक्ष और सदस्य बनाए गए हैं। मध्य प्रदेश में निगम मंडल और प्राधिकरणों में अब तक अध्यक्ष और सदस्य मिलाकर 60 नियुक्तियां हो चुकी हैं। ग्वालियर चंबल को ज्यादा तवज्जो मिली है। यहां से अध्यक्ष और सदस्य मिलाकर कुल 18 नियुक्तियां हुई हैं। मालवा में अध्यक्ष और सदस्यों को मिलाकर 20 नियुक्तियां की गई हैं, जिनमें अध्यक्षों की संख्या कम है। बुंदेलखंड से 4, जबकि महाकौशल और विंध्य से 5-5 न्युक्ति की गई है।
सम्बंधित ख़बरें
राहुरी उपचुनाव में BJP के अक्षय कर्डिले की बड़ी जीत, शरद पवार गुट के गोंविद मोकाटे को 1 लाख के अंतर से हराया
बंगाल में जीत की ओर BJP, MP में जश्न का माहौल, रसगुल्ले की जगह झालमुड़ी खाकर कार्यकर्ता मना रहे जश्न
हिमंता के वो दांव जिससे असम में चारों खाने चित हुआ विपक्ष, जानें BJP की बंपर जीत के 5 बड़े कारण
Assam Election 2026: ‘पंजे’ पर भारी पड़ रहा ‘कमल’, रूझानों में बीजेपी आगे, असम में फिर चला हिमंता का जादू
जातिगत समीकरण
16 निगम-मंडल और प्राधिकरणों में सवर्ण नेताओं को अध्यक्ष बनाया है, जबकि 5 में एससी-एसटी नेताओं को मौका मिला है। ओबीसी और एसटी की एक-एक महिला नेता को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। 4 यादवों को भी अध्यक्ष बनाया गया है। जानकारों के मुताबिक ये नियुक्तियां अगले साल के नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव और 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की गई हैं।
यह भी पढ़े : MP में देर रात निगम-मंडलों में नियुक्तियां, नए चेहरों को जिम्मेदारी से सियासी हलचल तेज
विरोध के चलते अटके नाम
इंदौर, भोपाल और देवास में में ताल-मेल की कमी से नियुक्तियां अटकी हैं। IDA में हरि नारायण यादव के नाम पर विरोध हुआ और अब सुदर्शन गुप्ता आगे हैं। BDA में चेतन सिंह के नाम पर सहमति नहीं बनी है। 16 नगर निगमों में एल्डरमैन के नाम एक महीने से अटके हैं, जहां सांसद, विधायक और संगठन के बीच खींचतान जारी है। वहीं देवास प्राधिकरण में सांसद और विधायक दोनों एक-दूसरे के दिए नामों का विरोध कर रहे है।
