

Mohan Yadav Attends NITI Aayog Meeting: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यों के विकास, सुशासन, रोजगार, कौशल विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में चल रही विकास योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और साझेदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश भी समावेशी विकास, नवाचार और सुशासन के माध्यम से देश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य को तय समय-सीमा से पहले नक्सलवाद से मुक्त करने में सफलता मिली है। अब पूर्व में प्रभावित रहे क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों को और गति दी जाएगी। उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया।
सीएम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से आम लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कौशल विकास और औद्योगिकीकरण के प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। धार जिले में स्थापित पीएम मित्र पार्क को देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां जल्द ही औद्योगिक इकाइयों का संचालन शुरू होने वाला है। इसके अलावा युवाओं को आधुनिक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों से जोड़ने के लिए पीएमश्री महाविद्यालयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आरोग्य मंदिरों का सफल संचालन किया जा रहा है और आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। नदी जोड़ो परियोजनाओं सहित कई बड़े बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की तैयारियां भी आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकसित भारत के लक्ष्य को निर्धारित समय में हासिल किया जा सकेगा, जिसमें मध्यप्रदेश अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नीति आयोग की बैठक में मानव संसाधन विकास, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल निर्माण, रोजगार सृजन, उद्यमिता, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक समानता और सम्मानजनक जीवन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।