कान्हा में बाघ के शावकों की अटखेलियों ने मोहा मन, वन्यजीवों के लिए बनाए गए जल स्रोत बने जीवनदायिनी
Tiger Cubs in Kanha: भीषण गर्मी के बीच कान्हा टाइगर रिजर्व में कृत्रिम जलाशय बनाए गए हैं, ताकि वन्यजीवों को राहत मिल सके। इस बीच बाघ और शावक कृत्रिम जलाशय में अटखेलियां करते हुए नजर आ रहे हैं।
- Written By: प्रीतेश जैन
बाघ और शावक (फोटो सोर्स- नवभारत)
Kanha Tiger Reserve News: भीषण गर्मी के बीच कान्हा टाइगर रिजर्व से सामने आईं कुछ मनमोहक तस्वीरें वन्यजीव प्रेमियों का दिल जीत रही हैं। इन दिनों कान्हा के जंगलों में बाघ और उनके शावक जलाशयों में अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। पानी में खेलते और गर्मी से राहत पाते बाघों का यह दृश्य न केवल पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कान्हा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्थाओं को भी दर्शा रहा है।
गर्मी के मौसम में जंगलों में पानी की उपलब्धता वन्यजीवों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसे ध्यान में रखते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वन्यजीवों के लिए व्यापक स्तर पर जल प्रबंधन की व्यवस्था की है। पार्क के भीतर प्राकृतिक जल स्रोतों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कृत्रिम जल स्रोत भी विकसित किए गए हैं, जिससे वन्यजीवों को भीषण गर्मी में भी पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
वन्यजीवों की प्यास बुझा रहे कृत्रिम जलाशय
कान्हा टाइगर रिजर्व में प्राकृतिक रूप से मौजूद तालाब, झरने, नदी-नाले और बावड़ियां वन्यजीवों की प्यास बुझा रहे हैं। वहीं गर्मी के प्रभाव को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने सैकड़ों कृत्रिम सौसर और जलाशय भी तैयार किए हैं। इन जल स्रोतों में पाइपलाइन के माध्यम से नियमित रूप से पानी भरा जाता है, ताकि हर समय पर्याप्त जल उपलब्ध रहे।
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375 कृत्रिम जल स्त्रोत विकसित किए
कान्हा प्रबंधन के अनुसार रिजर्व क्षेत्र में कुल 345 प्राकृतिक जल स्रोत मौजूद हैं, जबकि वन्यजीवों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 375 कृत्रिम जल स्रोत और सौसर विकसित किए गए हैं। इन सभी स्थानों की नियमित निगरानी की जाती है। गश्ती दल प्रतिदिन जल स्रोतों का निरीक्षण कर साफ-सफाई और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
भीषण गर्मी में ये स्त्रोत वन्यजीवों को दे रहे आराम
इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि भीषण गर्मी के बावजूद कान्हा के जंगलों में बाघ, बारहसिंगा, चीतल, सांभर और अन्य वन्यजीव सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। पर्याप्त पानी मिलने से वन्यजीवों का स्वास्थ्य बेहतर बना हुआ है और उनकी गतिविधियां भी सामान्य रूप से जारी हैं।
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ये पहल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है
वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन की ऐसी पहलें न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं, बल्कि जैव विविधता को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व का यह मॉडल अन्य संरक्षित क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
