बालाघाट: 100 करोड़ के चावल घोटाले का आरोप, पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने की CBI जांच की मांग
Kankar Munjare Statement : बालाघाट में 100 करोड़ रुपये के चावल घोटाले का आरोप लगा है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने CBI जांच की मांग की है और मामले में कई बड़े नामों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
- Reported By: मनीष तिवारी | Edited By: प्रीतेश जैन
कंकर मुंजारे (फोटो सोर्स- नवभारत)
Balaghat 100 Crore Rice Scam : बालाघाट जिले में कथित चावल घोटाले को लेकर सियासत गरमा गई है। एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एथेनॉल प्लांट भेजे जा रहे चावल की हेराफेरी के मामले में पुलिस द्वारा एसआईटी गठित कर जांच शुरू किए जाने के बीच पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद ने दावा किया कि जिले में 100 करोड़ रुपये से अधिक का चावल घोटाला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआई गोदाम से करीब 200 ट्रकों में चावल छिंदवाड़ा एथेनॉल प्लांट भेजा जाना था, लेकिन इसमें बड़ी मात्रा में अनियमितताएं हुईं और चावल रास्ते में ही बालाघाट की कुछ राइस मिलों में खपाया गया।
मुख्य जिम्मेदार जांच से दूर
पूर्व सांसद के अनुसार, पुलिस ने कुछ ट्रकों को पकड़कर कार्रवाई की है और एथेनॉल प्लांट संचालक तथा कुछ वाहन चालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के मुख्य जिम्मेदार अभी तक जांच के दायरे से बाहर हैं।
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अधिकारियों और रसूखदारों की भूमिका पर सवाल
कंकर मुंजारे ने दावा किया कि इस कथित घोटाले में तत्कालीन खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्होंने पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे, कुमार कावरे और हर्ष राइस मिल के संचालक विनोद शर्मा का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच चल रही है तो अब तक बड़ी राइस मिलों के खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उनका कहना है कि केवल ट्रक चालकों या छोटे स्तर के लोगों पर कार्रवाई कर पूरे मामले को दबाया नहीं जा सकता।
SIT जांच पर उठाए सवाल
पूर्व सांसद ने एसआईटी जांच पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह मामला करोड़ों रुपये के सरकारी अनाज और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा है, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जांच एजेंसी पर भरोसा करना इस स्तर के मामलों में पर्याप्त नहीं होगा। मुंजारे ने दावा किया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाती है तो 100 करोड़ रुपये से अधिक के चावल घोटाले की परतें खुल सकती हैं और कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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पुलिस जांच जारी
इधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच एसआईटी के माध्यम से जारी है और सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
