बालाघाट में राजा भोज पर बयान से बवाल: पंवार समाज का उग्र प्रदर्शन, कंकर मुंजारे बोले- कोई अपमान नहीं किया

Kankar Munjare Statement : बालाघाट में राजा भोज को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहरा गया है। पंवार समाज ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के घर के सामने प्रदर्शन कर पुतला दहन किया है।
Balaghat Raja Bhoj Controversy
प्रदर्शनकारी (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Balaghat Raja Bhoj Controversy: गर्रा रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर बालाघाट में सामाजिक और राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज को लेकर दिए गए बयान के विरोध में पंवार समाज के लोग सड़क पर उतर आए। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने पूर्व सांसद के निवास के सामने प्रदर्शन कर उनका पुतला दहन किया और बयान को समाज की आस्था एवं सम्मान पर हमला बताया।

विवाद की शुरुआत गर्रा रेलवे ओवरब्रिज का नाम चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज के नाम पर रखे जाने के बाद हुई। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बयान दिया था कि राजा भोज का बालाघाट से कोई संबंध नहीं है और यहां उन्हें कोई नहीं जानता। इस बयान के बाद पंवार समाज में नाराजगी बढ़ गई।

पूर्व सांसद का पुतला जलाया

विरोध स्वरूप समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और पूर्व सांसद के निवास के सामने नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने उनका पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज केवल एक ऐतिहासिक शासक नहीं, बल्कि पंवार समाज की आस्था, गौरव और पहचान के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके संबंध में की गई टिप्पणी पूरे समाज का अपमान है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

बयान पर कायम हैं कंकर मुंजारे

वहीं पूर्व सांसद कंकर मुंजारे अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बयान पर कोई अफसोस नहीं है और वे इसे कई बार दोहरा सकते हैं। उनका कहना है कि राजा भोज का बालाघाट से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है और रेलवे ओवरब्रिज का नाम किसी स्थानीय महापुरुष, स्वतंत्रता सेनानी या क्रांतिकारी के नाम पर रखा जाना चाहिए। मुंजारे ने विरोध प्रदर्शन को प्रायोजित करार देते हुए कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति या समाज का अपमान नहीं किया है, बल्कि केवल ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखी है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई

पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। राजा भोज के नाम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। पंवार समाज के विरोध और पूर्व सांसद के रुख के चलते जिले का माहौल गर्माया हुआ है।

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