

Santosh Patel Wife Emotional Appeal: मध्य प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित और लोकप्रिय चेहरों में शुमार डीएसपी संतोष पटेल का आखिरकार तबादला कर दिया गया है। उन्हें नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले से हटाकर राजधानी भोपाल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस तबादले के पीछे किसी प्रशासनिक प्रक्रिया से अधिक डीएसपी की पत्नी रोशनी पटेल द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक भावनात्मक अपील को बड़ा कारण माना जा रहा है।
डीएसपी संतोष पटेल की पत्नी रोशनी पटेल ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी, जिसने न केवल पुलिस विभाग बल्कि आम जनता का भी ध्यान खींचा। उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रशासनिक नियमों की याद दिलाते हुए लिखा था कि बालाघाट जैसे नक्सली क्षेत्र में ड्यूटी का नियम केवल एक साल का है लेकिन मेरे पति को वहां तैनात हुए 1 साल और 5 महीने से अधिक का समय हो गया है। बच्चों का स्कूल में एडमिशन कराना है और घर पर सास (डीएसपी की मां) बीमार रहती हैं, जिनका सही समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है। मेरे जैसी न जाने कितनी पत्नियां अपने परिवार के साथ रहने का इंतजार कर रही हैं।
रोशनी पटेल की यह पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। इस सार्वजनिक दबाव और मानवीय आधार को देखते हुए प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और डीएसपी संतोष पटेल के तबादले के आदेश जारी कर दिए।
तबादले के बाद डीएसपी संतोष पटेल ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बालाघाट जिले के अपने कार्यकाल को 'अद्भुत' बताते हुए कहा कि बालाघाट एक सुंदर और शानदार जिला है, वहां काम करना मेरे लिए एक बेहतरीन अनुभव रहा। अब राजधानी भोपाल में सेवा देने का एक नया अवसर मिला है, जिसके लिए मैं पूरी तरह तैयार हूं।
डीएसपी संतोष पटेल के इस तबादले ने मध्य प्रदेश पुलिस महकमे के भीतर एक नई चर्चा को जन्म दे दिया है। उन अधिकारियों की स्थिति पर अब सवाल उठ रहे हैं जो निर्धारित समय-सीमा से कहीं अधिक समय से कठिन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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