Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नवरात्रि के छठे दिन है ‘मां कात्यायनी’ की पूजा, शत्रु और संकटों पर विजय प्राप्ति के लिए इन मंत्रों का करें पाठ

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: Apr 07, 2022 | 07:00 AM

File Photo

Follow Us
Close
Follow Us:

-सीमा कुमारी

आज नवरात्रि का छठा दिन है। ‘मां कात्यायनी’ को समर्पित यह दिन हिन्दू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मां का छठा रूप ‘माता कात्यायनी’ है।

मान्यता है कि इस दिन जो भी भक्त मां की पूजा करते हैं, उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। ‘मां कात्यायनी’ को शत्रु और संकटों से मुक्त करने वाली देवी माना गया है। कहा जाता है कि, देवी ने ही असुरों से देवताओं की रक्षा की थी। मां ने महिषासुर का वध किया था और उसके बाद शुम्भ और निशुम्भ का भी वध किया था। सिर्फ यही नहीं, सभी नौ ग्रहों को उनकी कैद से भी छुड़ावाया था। आइए जानें ‘कात्यायनी देवी’ की पूजा-विधि, मंत्र, आरती, कथा आदि।

सम्बंधित ख़बरें

शाकम्भरी नवरात्रि 2025 कब से? अन्न-धन की देवी की कृपा पाने का शुभ समय जानिए

200 साल पुराना मंदिर, महाभारत काल से जुड़ी है इसकी आस्था की कहानी

भूलकर भी न करें नवरात्रि व्रत खोलने से पहले ये गलतियां, बिगड़ सकती है आपकी तबीयत

जागर फाऊंडेशन, क्रीड़ा भारती की पहल,शक्ति साधना में दिखा नारीशक्ति का जोश

Koo App
चंद्रहासोज्ज्वलकरा, शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्यात्, देवी दानवघातनी।। मां अम्बे का 6वां स्वरूप माता कात्यायनी अत्यंत करुणामयी और कल्याणकारी हैं। मैया आपके मंगल, उत्कर्ष और शुभत्व का मार्ग प्रशस्त करें। #ChaitraNavratri
View attached media content

– Shivraj Singh Chouhan (@chouhanshivraj) 7 Apr 2022

पूजा-विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं और फिर साफ- स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • मां की प्रतिमा को शुद्ध जल या गंगाजल से स्नान कराएं।
  • मां को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
  • मां को स्नान कराने के बाद पुष्प अर्पित करें।
  • मां को रोली कुमकुम लगाएं।
  • मां को पांच प्रकार के फल और मिष्ठान का भोग लगाएं।
  • मां कात्यायनी को शहद का भोग अवश्य लगाएं।
  • मां कात्यायनी का अधिक से अधिक ध्यान करें।
  • मां की आरती भी करें।
  • मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं। इससे मां प्रसन्न हो जाती हैं। इस दिन मां को लाल रंग के फूल चढ़ाएं।

इस मंत्र का मंत्रोच्चारण करें

“या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥”

“ॐ कात्यायिनी देव्ये नमः”

“कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी। नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।”

“चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दूलवर वाहना। कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानव घातिनि।।”

मां कात्यायनी की आरती

जय-जय अम्बे जय कात्यायनी

जय जगमाता जग की महारानी

बैजनाथ स्थान तुम्हारा

वहा वरदाती नाम पुकारा

कई नाम है कई धाम है

यह स्थान भी तो सुखधाम है

हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी

कही योगेश्वरी महिमा न्यारी

हर जगह उत्सव होते रहते

हर मंदिर में भगत हैं कहते

कत्यानी रक्षक काया की

ग्रंथि काटे मोह माया की

झूठे मोह से छुड़ाने वाली

अपना नाम जपाने वाली

बृहस्‍पतिवार को पूजा करिए

ध्यान कात्यायनी का धरिए

हर संकट को दूर करेगी

भंडारे भरपूर करेगी

जो भी मां को ‘चमन’ पुकारे

कात्यायनी सब कष्ट निवारे।।

कथा

महार्षि कात्यायन ने देवी आदिशक्ति की घोर तपस्या की थी। इसके परिणामस्वरूप उन्हें देवी उनकी पुत्री के रूप में प्राप्त हुई थीं। देवी का जन्म महार्षि कात्यान के आश्राम में हुआ था। इनकी पुत्री होने के चलते ही इन्हें कात्यायनी पुकारा जाता है। देवी का जन्म जब हुआ था उस समय महिषासुर नाम के राक्षस का अत्याचार बहुत ज्यादा बढ़ गया था। असुरों ने धरती के साथ-साथ स्वर्ग में त्राही मचा दी थी। त्रिदेवों के तेज देवी ने ऋषि कात्यायन के घर अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन जन्म लिया था। 

इसके बाद ऋषि कात्यायन ने मां का पूजन तीन दिन तक किया। इसके बाद दशमी तिथि के दिन महिषासुर का अंत मां ने किया था। इतना ही नहीं, शुम्भ और निशुम्भ ने स्वर्गलोक पर आक्रमण कर दिया था। वहीं, इंद्र का सिंहासन भी छीन लिया था। सिर्फ इतना ही नहीं नवग्रहों को बंधक भी बना लिया था। असुरों ने अग्नि और वायु का बल भी अपने कब्जे में कर लिया था। स्वर्ग से अपमानित कर असुरों ने देवताओं को निकाल दिया। तब सभी देवता देवी के शरण में गए और उनसे प्रार्थना की कि वो उन्हें असुरों के अत्याचार से मुक्ति दिलाए। मां ने इन असुरों का वध किया और सबको इनके आतंक से मुक्त किया।

Worship of maa katyayani on the sixth day of navratri recite these mantras to get victory over enemies and troubles

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 07, 2022 | 07:00 AM

Topics:  

  • Chaitra Navratri Date
  • Navratri

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.