First Date Etiquette: पहली डेट पर बिल कौन भरेगा? बदलते दौर में जानिए क्या सोचते हैं Gen Z

Dating Tips: पहली बार डेट पर जा रहे हैं और ऐसे में बिल कौन भरेगा, इसे लेकर सबकी राय अलग होती है। आइए जानते हैं डेटिंग एक्सपर्ट्स और Gen Z इस मामले में क्या सोचते हैं।
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डेटिंग (फोटो.सोशल मीडिया)
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Who Should Pay On First Date: जब पहली बार डेट पर जा रहे हों, तो मन में हजार सवाल उठते हैं, जो कई बार भावनात्मक तो कई बार प्रैक्टिकल होते हैं, जैसे बिल कौन भरेगा? यह सवाल हमेशा से चर्चा का मुद्दा रहा है।

हालांकि, इसके लिए कोई तयशुदा नियम नहीं बना गए हैं, लेकिन ज्यादातर लोगों का मानना है कि यह फैसला परिस्थिति के हिसाब से होना चाहिए, न कि केवल जेंडर के आधार पर।

एक पोल के अनुसार, सिर्फ 13 प्रतिशत लोगों का मानना है कि हर बार पुरुष को ही बिल भरना चाहिए। वहीं 40 फीसदी लोगों को लगता है कि बिल हमेशा स्पिलिट होना चाहिए यानी बराबर-बराबर में बांटा जाना चाहिए। इसके अलावा 47 प्रतिशत लोग सोचते हैं कि बिल पे करना पूरी तरह से स्थिति पर निर्भर करता है।

जिसने डेट प्लान की, वही भरेगा बिल

आज की युवा पीढ़ी में से कुछ फीसदी का मानना है कि यदि किसी महिला ने डेट प्लान की है तो वह भी बिना झिझक बिल भर सकती है और अगर पुरुष ने डेट प्लान की है, तो महिला पर बिल स्पिलिट करने का प्रेशर नहीं होना चाहिए। यह जेंडर पर नहीं बल्कि कर्टसी पर डिपेंड होना चाहिए।

लड़कियों की सोच भी काफी हद तक इससे मिलती-जुलती है, उनका मानना है कि अगर वह किसी को डेट पर बुलाती हैं, तो बिल भरने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। हालांकि, अगर पहली डेट पर मेल फ्रेंड खुद बिल पे करना चाहता है, तो उसे एफर्ट के तौर पर देखा जाएगा। साथ ही लड़कियों का यह भी मानना है कि फर्स्ट डेट पर बिल स्पिलिट करना रोमांटिक माहौल को बिगाड़ सकता है।

डेटिंग (फोटो.सोशल मीडिया)

बराबरी का क्या मतलब है

डेटिंग और रिलेशनशिप कोच मानसी सेठ बताती हैं कि कई बार महिलाएं इसलिए बिल पे करती हैं कि ताकि वो खुद को फाइनेंशियली स्ट्रॉन्ग, इंडिपेंडेंट और स्टेबल दिखा सकें। इसके विपरीत जब कोई मर्द अपनी मर्जी से बिल पे करता है, तो यह उनकी ईमानदारी, कोशिश, रिलेशनशिप में इंट्रेस्ट को दिखाता है।

बिल शेयर करने से खत्म होती हैं अनकही उम्मीदें

एक और डेटिंग कोच का मत इस मामले में अलग है। उनका मानना है कि शुरुआती मुलाकातों में बिल बराबर-बराबर बांटने से दोनों लोगों के बीच समानता बनी रहती है और किसी पर कोई एहसान या दबाव महसूस नहीं होता। उनके अनुसार, पहली कुछ डेट्स का मकसद एक-दूसरे को समझना होता है, न कि यह तय करना कि किसने कितना खर्च किया। आगे चलकर यदि रिश्ता आगे बढ़ता है, तो वक्त के साथ दोनों पार्टनर में बैलेंस बन जाता है। कभी एक पार्टनर बिल भरता है, तो कभी दूसरा पार्टनर।

डेटिंग (फोटो.सोशल मीडिया)

कम्युनिकेशन जरूरी है

एक यंग आईटी प्रोफेशनल का मानना है कि पहली डेट पर सिचुएशन तब अजीब हो जाती है, जब दोनों एक-दूसरे से बिल भरने की उम्मीद कर लेता है। इसलिए बेहतर है शुरआत से ही हर मसले पर बातचीत करते रहें। किसी भी रिश्ते में खुलकर बात करना बहुत जरूरी होता है।

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