जानिए कौन हैं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अहम रोल अदा करने वाली वीरांगना विंग कमांडर व्योमिका सिंह
विंग कमांडर व्योमिका सिंह भारतीय वायुसेना की तेजतर्रार अधिकारी हैं। व्योमिका सिंह ने हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में शानदार सेवा प्रदान की है। व्योमिका सिंह के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण बचाव अभियानों को अंजाम दिया गया।
- Written By: सीमा कुमारी
व्योमिका सिंह (सौ.सोशल मीडिया)
Who is Vyomika Singh: भारत ने आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारतीय सशस्त्र बलों ने बीती रात पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों स्थित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।आपको बता दें, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। इस पूरे स्ट्राइक की जानकारी जिन दो महिला अधिकारियों ने दी, उसमें एक विंग कमांडर व्योमिका सिंह भी थीं।
विंग कमांडर व्योमिका सिंह का नाम भारतीय वायुसेना के उन प्रेरणादायक महिलाओं के लिस्ट में शामिल हो गया हैं, जिन्होंने अपने सपनों को हकीकत में बदलते हुए देश की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया है।
बचपन से ही आसमान छूने की ख्वाहिश रखने वाली व्योमिका ने अपने साहस, समर्पण और नेतृत्व क्षमता से भारतीय वायुसेना में एक अलग पहचान बनाई है। ऐसे में आज आइए जानते हैं भारतीय सेना के आपरेशन सिंदूर की कहानी देशवासियों के सामने रखने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह के बारे में। आइए जानते हैं व्योमिका सिंह कौन हैं?
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कौन हैं व्योमिका सिंह
आपको बता दें, विंग कमांडर व्योमिका सिंह एक कुशल हेलीकॉप्टर पायलट हैं, जिन्होंने कई तरह के विमान उड़ाए हैं और नागरिक सुरक्षा के लिए विषम परिस्थितियों में बचाव कार्यों में हिस्सा लिया है। व्योमिका ने भारतीय वायु सेना के एक पायलट से शादी की है।
साल 2023 में एक निजी चैनल पर चर्चा के दौरान उन्होंने बताया था कि पायलट बनना उनकी नियति थी, जोकि उनके नाम से जुड़ी हुई है। व्योमिका का अर्थ है आकाश में रहने वाली।
व्योमिका बताती हैं, जब वह कक्षा छह में थीं, तब उन्हें एहसास हुआ कि वह पायलट बनकर आसमान में उड़ना चाहती हैं। दरअसल, क्लास में बच्चे अपने नाम के अर्थ पर चर्चा कर रहे थे। किसी ने उनसे कहा, ‘तुम व्योमिका हो, जिसका मतलब है कि तुम आसमान की मालिक हो।’ उस दिन से व्योमिका ने पायलट बनने का सपना देखना शुरू कर दिया।
व्योमिका सिंह जीवन परिचय और शिक्षा
आपको बता दें, व्योमिका सिंह अपने लक्ष्य की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (NCC) जॉइन किया। यहां से उन्हें वर्दी पहनने और सेना से जुड़ने की प्रेरणा मिली। आगे चलकर उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
वह अपने परिवार की पहली सदस्य बनीं, जिन्होंने सशस्त्र बलों में शामिल होकर इतिहास रचा। भारतीय वायुसेना में उन्होंने हेलिकॉप्टर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया और 18 दिसंबर 2019 को उन्हें फ्लाइंग ब्रांच में परमानेंट कमीशन मिला।
व्योमिका सिंह का अनुभव और योगदान
विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने अब तक 2500 घंटे से अधिक उड़ान भरी है। उन्होंने भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित हेलिकॉप्टर चेतक और चीता को उड़ा कर देश की सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं।
वह जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत जैसे कठिन और संवेदनशील इलाकों में ऑपरेशन कर चुकी हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ऊंचाई, खराब मौसम और दुर्गम स्थानों के बीच हेलिकॉप्टर मिशन संचालित करना एक अत्यंत जोखिम पूर्ण कार्य होता है, जिसमें व्योमिका ने कुशलता से नेतृत्व किया।
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व्योमिका सिंह न केवल ऑपरेशनल मिशनों में अग्रणी रही हैं, बल्कि उन्होंने साहसिक अभियानों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया है। वर्ष 2021 में उन्होंने एक त्रिसेना महिला पर्वतारोहण अभियान में भाग लिया। यह अभियान भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना की महिलाओं के सहयोग से आयोजित किया गया था और इसकी सराहना वायुसेना प्रमुख सहित वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने की थी।
