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Pink Tax: क्या होता है पिंक टैक्स जो अनजाने में काटता है महिलाओं की जेब

पिंक टैक्स सामान्य टैक्स की तरह नहीं है, यह जेंडर के हिसाब से वसूला जाने वाला कर है। पिंक टैक्स को भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में महिलाओं पर लगाया जाता है। यह खासतौर पर उन प्रोडक्ट पर लगता है जो महिलाओं के लिए बने हैं।

  • By प्रीति शर्मा
Updated On: Feb 21, 2025 | 06:00 PM

पिंक टैक्स (सौ. सोशल मीडिया)

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What is Pink Tax: दुनियाभर में किसी भी तरह का सामान खरीदने से लेकर किसी रेस्टोरेंट में डिनर करने तक के लिए हम सर्विस टैक्स या अन्य टैक्स का भुगतान करते हैं। हर सामान के लिए एक तरह से टैक्स लिया जाता है। आप जो कमाई करते हैं उस पर सरकार द्वारा इनकम टैक्स लगाया जाता है जिसके बारे में सभी को जानकारी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक टैक्स ऐसा भी जिसके बारे में महिलाएं अनजान है।  यह टैक्स सिर्फ महिलाओं से ही वसूला जाता है। इस टैक्स को पिंक टैक्स कहते हैं। बता दें कि यह कोई आधिकारिक टैक्स नहीं है जो सरकार वसूलती है। यह टैक्स कंपनियां वसूलती हैं और महिलाओं को इसके बारे में पता भी नहीं चलता है। आइए, जानते हैं आखिर यह पिंक टैक्स है क्या और इसके पीछे कारण क्या है।

क्या होता है पिंक टैक्स

पिंक टैक्स सामान्य टैक्स की तरह नहीं है, यह जेंडर के हिसाब से वसूला जाने वाला कर है। पिंक टैक्स को भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में महिलाओं पर लगाया जाता है। यह खासतौर पर उन प्रोडक्ट पर लगता है जो महिलाओं के लिए बनाया गया हो। इसे गुलाबी टैक्स भी कहा जाता है। इस टैक्स को सरकार या कंपनी को देना जरूरी नहीं है। यह एक तरह का अतिरिक्त शुल्क है जो महिलाओं के सामान पर लिया जाता है।

इस वजह से महिलाओं के प्रोडक्ट पुरुषों की तुलना में ज्यादा महंगे होते हैं। मेकअप का सामान, नेल पेंट, लिपस्टिक, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, सेनिटरी पैड आदि चीजों की कीमत ज्यादा होती है क्योंकि इन्हें खासतौर पर महिलाओं के लिए तैयार किया जाता है। इन प्रोडक्ट्स पर पिंक टैक्स लगाया जाता है।

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उदाहरण के लिए अगर पुरुषों के लिए लिप बाम की कीमत 50 रुपए है तो वहीं महिलाओं के लिए मिलने वाले लिप बाम की कीमत 150 रुपए होगी। इस तरह का अंतर आप शॉपिंग करते समय साफ देख सकते हैं।

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क्यों लिया जाता है पिंक टैक्स

साल 2015 में अमेरिका में पिंक टैक्स का पहला मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर कई कंपनियों का कहना है कि महिलाओं के सामानों को बनाने में ज्यादा खर्च होता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि महिलाएं सामान के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर सकती हैं जिसकी फायदा कंपनी उठाती है।

बता दें कि पिंक टैक्स का संबंध सरकार से नहीं है। यह टैक्स सरकार नहीं बल्कि कंपनी को जाता है। कंपनियों द्वारा दी गई दलील है कि अगर महिला को कोई सामान पसंद आता है तो वह ज्यादा प्राइस पर उस सामान को खरीदती हैं। कंपनी इस तरह के प्रॉफिट कमाने के लिए पिंक टैक्स लगाती हैं।

What is pink tax that unknowingly cuts womens pocket

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Published On: Feb 21, 2025 | 06:00 PM

Topics:  

  • Consumer Protection
  • Gender
  • Taxes

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