हनुमान गढ़ी मंदिर (सोशल मीडिया)
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: जैसा कि, देशभर में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2024) 23 अप्रैल को मनाई जाने वाली है जो इस बार राम मंदिर के बनने के बाद बेहद खास होने वाला है। अगर आप गर्मी की छुट्टियों में भगवान श्रीराम (Lord Rama) के दर्शन के लिए अयोध्या जाने का प्लान कर रहे है तो आप अयोध्या में ही स्थित हनुमान गढ़ी मंदिर (Hanuman Garhi Temple) के दर्शन करना नहीं भूले। यह मंदिर मान्यता के साथ बहुत खास होता है यहां पर दूर-दूर से आने वाले लोगों की परेशानियां हल होती है।
जानिए मंदिर के बारे में
अयोध्या में दर्शन के लिए राम मंदिर के अलावा प्राचीन हनुमानगढ़ी मंदिर दर्शन तुल्य है जो शहर के बीचो बीच बना है तो वहीं पर यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर मौजूद है इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने के लिए भक्तों को थोड़ा संघर्ष करना पड़ेगा जी हां इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को 76 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। इस मंदिर की बनावट प्राचीनता की झलक दिखाती है तो यहां पर मंदिर की दीवारों पर आपको हनुमान चालिसा और चौपाइयां लिखी हुई मिलेगी। इसे लेकर अथर्ववेद में इसका वर्णन मिलता है कि प्रभु श्री राम ने जब हनुमान जी को यह मंदिर सौंपा था तब उन्होंने यह बताया था कि कोई भी भक्त जब अयोध्या आएगा तो सबसे पहले हनुमान जी के दर्शन करेगा।
इतिहास से मंदिर का नाता
इस हनुमान गढ़ी मंदिर का इतिहास से भी नाता है जो पुराना है यहां पर माना जाता है कि 18वीं शताब्दी के प्रारंभिक काल में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर का निर्माण स्वामी अभयारामदासजी के निर्देश में सिराजुद्दौला ने की थी। नवाब पुत्र को एक बीमारी थी, जिससे मुक्ति पाने के लिए उन्होंने इस मंदिर को बनवाया था। मंदिर बनवाने के बाद उनको बीमारी से मुक्ति मिल गई थी। माना जाता है कि आज भी हनुमान जी इस मंदिर में निवास करते हैं और इसका ध्यान रखते हैं।
सोमवार के दिन होता है हनुमान लला का श्रृंगार
रामलला की स्थापना के उत्सव में सोमवार के दिन बजरंगबली का श्रृंगार उनके प्रिय दिन मंगलवार की व्यवस्था के हिसाब से किया गया। उन्हें स्वर्ण छत्र, स्वर्ण मुकुट-कुंडल से सज्जित किया गया। जबकि गर्भगृह सहित हनुमानगढ़ी का संपूर्ण आंतरिक प्रांगण भांति-भांति के पुष्पों से सुशोभित रहा। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि, इस मंदिर में जो कोई भक्त हनुमान जी को लाल चोला या वस्त्र अर्पित करता है उसके सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिल जाती है। इस मंदिर में भगवान हनुमान लला बाल्यवस्था में विराजिक है साथ ही उनकी माता अंजनी की भी मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर में हनुमान निशान भी है जो करीब चार मीटर चौड़ा और 8 मीटर लंबा है और हर पूजा से पहले हनुमान निशान को श्री राम जन्मभूमि स्थल पर लाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है. इस निशान को लाने में 200 लोग जाते हैं।
कैसे पहुंचे हनुमानगढ़ी मंदिर
हनुमान गढ़ी मंदिर पहुंचने के लिए आपको अयोध्या और फैजाबाद रेलवे स्टेशन से आना होगा। इसके अलावा गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी एयरपोर्ट से भी यहां पहुंचा जा सकता है।
अयोध्या रेलवे स्टेशन से 1 किमी दूरी पर स्थित है।
फ्लाइट से- लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे नजदीक एयरपोर्ट है।
समय- हनुमानगढ़ी सुबह 5:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल जाता है। दर्शन के लिए सुबह से ही कतारें लगने लगती है।