यूपी के 6 'ठंडे' ठिकाने: गर्मी में शिमला-नैनीताल को भूल जाएंगे, कम बजट में यहां मिलेगा सुकून

UP Tourism Guide: उत्तर प्रदेश की 6 ऐसी छिपी हुई जगहें जहां आप कम बजट में गर्मी से राहत पा सकते हैं। पीलीभीत के 'मिनी गोवा' से लेकर चित्रकूट की गुफाओं तक, यहां प्रकृति और शांति का अनोखा संगम है।
Summer Getaways in UP 6 Hidden Gems to Escape Heat on a Budget This Vacation
गर्मियों में घूमने के लिए यूपी के 6 'ठंडे' ठिकाने (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Hidden Summer Spots In Uttar Pradesh: जब चिलचिलाती गर्मी का प्रकोप बढ़ता है तो अक्सर लोग पहाड़ों की ओर भागते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में ही कई ऐसे अनमोल रत्न छिपे हैं जो किसी हिल स्टेशन से कम नहीं हैं। पीलीभीत के 'मिनी गोवा' से लेकर मिर्जापुर के दूधिया झरनों तक ये पर्यटन स्थल पर्यटकों को न केवल ठंडक प्रदान करते हैं बल्कि बजट के भीतर भी रहते हैं। यदि आप इस वीकेंड शांति और एडवेंचर की तलाश में हैं तो यूपी के इन छह 'कूल' ठिकानों की सैर आपके छुट्टियों के सफर को यादगार बना देगी।

पीलीभीत का चूका बीच

नेपाल की सीमा से सटे पीलीभीत टाइगर रिजर्व में स्थित 'चूका बीच' आपको घने जंगलों के बीच गोवा जैसा शानदार अहसास कराता है। यहां शारदा सागर बांध के किनारे बनी 'थारू हट' में ठहरना किसी जादुई दुनिया के सफर जैसा सुखद अनुभव प्रदान करता है। सुबह की जंगल सफारी में आप बाघ देख सकते हैं जबकि शाम को नदी की ठंडी हवाएं आपको पहाड़ों की याद दिलाएंगी।

चित्रकूट की शीतल गुफाएं

मंदाकिनी नदी के किनारे बसा चित्रकूट केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि अपनी प्राकृतिक बनावट के कारण यूपी का अपना 'हिल स्टेशन' भी कहलाता है। यहां की 'गुप्त गोदावरी' गुफाओं के भीतर का तापमान बाहर की तुलना में बहुत कम होता है और पैरों के नीचे बहता शीतल जल थकान मिटा देता है। हनुमान धारा और सती अनुसुइया आश्रम के पास गिरते झरने यहां के पूरे वातावरण को हमेशा ठंडा और सुकून भरा बनाए रखते हैं।

मिर्जापुर के दूधिया झरने

वाराणसी के पास स्थित मिर्जापुर जिला अपने विंढम फॉल, टांडा जलप्रपात और लखनिया दरी जैसे मनमोहक झरनों के कारण पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। विंध्य की ऊंची पहाड़ियों और चट्टानों के बीच से गिरता दूधिया पानी न केवल आंखों को सुकून देता है बल्कि आसपास की नमी गर्मी को भी कम कर देती है। रॉक क्लाइम्बिंग और पिकनिक के शौकीन लोगों के लिए मिर्जापुर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है यहां आप प्रकृति के करीब समय बिता सकते हैं।

दुधवा की सघन हरियाली

लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा नेशनल पार्क की घनी छतरीनुमा हरियाली तेज धूप को जमीन तक पहुंचने से रोकती है जिससे यहां ठंडक बनी रहती है। 15 जून तक पर्यटकों के लिए खुले रहने वाले इस पार्क में बाघों और गैंडों को जलाशयों के पास पानी पीते देखना रोमांचक होता है। यह पार्क प्रकृति प्रेमियों के लिए एक स्वर्ग के समान है यहां तराई क्षेत्र की नमी और शांति आपका मन मोह लेती है।

चंद्रप्रभा के शांत झरने

चंदौली जिले में स्थित चंद्रप्रभा वन्यजीव अभयारण्य अपने राजदारी और देवदारी जैसे प्रसिद्ध सीढ़ीदार झरनों के लिए दूर-दराज के पर्यटकों के बीच जाना जाता है। यहां की चट्टानों से गिरता पानी एक प्राकृतिक एयर कंडीशनर की तरह काम करता है जो तपती गर्मी में भी आपको राहत का अहसास कराता है। वाराणसी से महज 70 किलोमीटर दूर यह स्थान ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए शहरी शोर-शराबे से दूर जाने का सबसे बेहतरीन विकल्प है।

सोनभद्र के ऐतिहासिक किले

सोनभद्र जिले में स्थित विजयगढ़ किला और मुक्खा फॉल उन लोगों के लिए बेहतरीन ऑफबीट विकल्प हैं जो इतिहास और प्रकृति का संगम देखना चाहते हैं। यहां की ऊंची पहाड़ियों से दिखने वाला सूर्यास्त मन को असीम शांति प्रदान करता है और गर्मी के मौसम में भी यहां की हवा सुहावनी रहती है। यहां के फॉसिल पार्क में जाकर आप करोड़ों साल पुराने जीवाश्म देख सकते हैं जो आपकी यात्रा में शिक्षा का पुट भी जोड़ते हैं।

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