

Kailash Mansarovar Yatra 2026: हिन्दू धर्म में कैलाश मानसरोवर यात्रा को सबसे कठिन और पवित्र माना गया है। हिमालय की गोद में स्थित कैलाश पर्वत की यात्रा भक्तों के लिए आगामी 30 जून 2026 से दोबारा शुरू कर दी गई है। हालांकि यह यात्रा कोरोना काल से 5 सालों के लिए बंद थी, जिसे पिछले साल भक्तों के लिए खोल दिया गया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार कुमाऊ मंडल नगर निगम की ओर से यात्रा से जुड़ी सारी जानकारी को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया है। साथ ही साथ यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू भी हो गए हैं।
तो चलिए जानते हैं यात्रा से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी...
इस साल केंद्र सरकार की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जहां पिछले साल इस यात्रा के लिए भक्तों को प्रति व्यक्ति लगभग 1.74 लाख खर्च करने पड़ते थे, जिसे बढ़ाकर इस साल 2.9 लाख प्रति व्यक्ति कर दिया गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा मुख्य रूप से कराई जाती है, जिसमें लिपुलेख दर्रा मार्ग (उत्तराखंड) और नाथूला पास मार्ग (सिक्किम) शामिल है।
बात करें लिपुलेख दर्रा मार्ग की तो यह मार्ग पारंपरिक मार्ग माना जाता है, जिस रूट में ट्रैकिंग भी शामिल है, जिसमें भक्तों के लिए यात्रा की अवधि लगभग 23 से 25 दिन की होती है। वहीं दूसरी ओर बात करें नाथूला पास मार्ग की तो इस मार्ग को सरल मार्ग माना जाता है, जिसे हम वाहन के द्वारा तय कर सकते हैं। इस मार्ग से यात्रा करने पर यात्रियों को लगभग 20 से 22 दिन लगेंगे।
कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए शारीरिक तैयारी के साथ-साथ मानसिक तैयारी भी जरूरी है। इस यात्रा के लिए सभी यात्रियों को हार्ट, ब्लड प्रेशर और अन्य जरूरी मेडिकल टेस्ट अनिवार्य है। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए यात्रियों को थर्मल वियर और भारी जैकेट, ट्रैकिंग शूज, ट्रैकिंग सूट और जरूरी दवाइंया भी ले जाना जरूरी है।