इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों में गुरु नानक जयंती पर होता है दिव्य उत्सव, देखकर मन हो जाएगा खुश

Famous Gurudwara in India: गुरु नानक जयंती पर देशभर के गुरुद्वारों में भव्य आयोजन होता है। स्वर्ण मंदिर से लेकर बंगला साहिब तक हर जगह श्रद्दा, सेवा और भक्ति का माहौल रहता है।
इन ऐतिहासिक गुरुद्वारों में गुरु नानक जयंती पर होता है दिव्य उत्सव, देखकर मन हो जाएगा खुश
भारत के प्रसिद्ध गुरुद्वारे (सौ. सोशल मीडिया)
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Guru Nanak Jayanti 2025: गुरु नानक जयंती सिख धर्म के प्रथम गुरु और संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के रुप में मनाया जाता है। इस साल यह उत्सव 5 नवंबर को मनाया जा रहा है। यह दिन देश और दुनिया के सिख श्रद्धालु के लिए आस्था और उत्सव का प्रतीक है। इस दिन देश के प्रमुख गुरुद्वारों के दर्शन कर मन को अंदर से शांत किया जा सकता है। गुरुद्वारों में इस दिन भव्य आयोजन, लंगर, कीर्तन, सजावट और शोभा यात्राएं आयोजित की जाती है।

प्रकाश पर्व के दिन गुरुद्वारे के रंग बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ में शामिल होते हैं और आर्शीवाद लेते हैं। लंगर में सेवा भाव हर किसी को समानता और प्रेम का संदेश देता है। दिल्ली, अमृतसर, पटना और नांदेड़ जैसे शहरों में उत्सव की धूम देखी जा सकती है।

रोशनी से जगमगाते गुरुद्वारे

गुरु नानक जयंती पर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की जगमगाहट देखने लायक होती है। यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचकर कीर्तन, अरदास और लंगर सेवा में भाग लेते हैं। इसी तरह दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में भी शानदार नजारा देखने को मिलता है। यहां पूरी रात भक्ति गीत और दीयों की रोशनी से वातावरण पवित्र हो जाता है।

भव्य होता है आयोजन

पंजाब के आनंदपुर साहिब, बिहार का तख्त श्री हरमंदिर साहिब पटना और महाराष्ट्र का हेमकुंड साहिब नांदेड़ भी इस दिन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनता है। यहां शोभा यात्राएं, कीर्तन, गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।

इस दिन हर गुरुद्वारे में लंगर का आयोजन होता है, जहां हर धर्म और वर्ग के लोगों को एक साथ बैठकर भोजन कराया जाता है। यही सिख धर्म का मूल संदेश है समानता, सेवा और प्रेम।

अगर आप गुरुनानक जयंती पर धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को करीब से अनुभव करना चाहते हैं, तो इस अवसर पर इन गुरुद्वारों की यात्रा करना जा सकते हैं। यह न केवल एक आध्यात्मिक अनुभव है बल्कि भारत की विविधता और एकता का जीवंत उदाहरण भी है।

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