सीमा कुमारी
नई दिल्ली: सनातन धर्म में कई वृक्षों व पौधों को पूजनीय एवं पवित्र माना गया है। कहा जाता है कि इन वृक्षों, पौधों आदि में देवी देवताओं का वास होता है तो कईयों के साथ इनका संबंध जुड़ा है, जिस कारण इन्हें पूजा जाता है पूर्व में से एक है ‘शमी का वृक्ष'(Shami Plant) हिंदू धर्म में शमी का पौधा भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है और इसका पूजन करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है। आइए जानें शमी के पौधे का धार्मिक महत्व और इसे घर में लगाने की सही दिशा?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ‘शमी का पौधा’ (Shami Plant) बहुत ही शुभ होता है इसे लगाने से घर में पॉजिटिविटी आती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि दोष है तो उसे अपने घर में शमी का पौधा लगाकर प्रत्येक शनिवार के दिन उसका पूजन जरूर करना चाहिए ।
वास्तु- शास्त्र के अनुसार, शमी का पौधा कभी घर के भीतर नहीं लगाना चाहिए । बल्कि बालकनी या छत पर लगाना शुभ होता है। इसे लगाने के लिए दक्षिण दिशा बेहद ही शुभ मानी गई है। ध्यान रखें कि, शमी का पौधा इस तरह रखें कि उस पर सीधी धूप न पड़े। या फिर घर से बाहर निकलने पर दाहिने ओर शमी का पौधा लगाना बहुत शुभ होता है। शमी का पौधा लगाने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा माना गया है क्योंकि इसका संबंध सीधा शनिदेव से है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी के पौधे का पूजन करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है और नेगेटिविटी भी दूर होती है।इसलिए घरों में शमी का पौधा लगाया जाता है। रामायण में भी शमी के पौधे का महत्व बताया गया है। इसके अनुसार जब भगवान राम और रावण के बीच युद्ध हुआ था उस समय युद्ध शुरू होने से पहले भगवान राम ने शमी के पेड़ का पूजन किया था। जिसके बाद उन्हें विजय हासिल हुई।