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-सीमा कुमारी
अखंड सुहाग का प्रतीक ‘हरतालिका तीज’ (Hartalika Teej ) इस साल 30 अगस्त, मंगलवार को है। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को ‘हरतालिका तीज’ व्रत रखा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, ‘हरतालिका तीज’ को सबसे बड़ी तीज माना जाता है। हरतालिका तीज से पहले हरियाली और कजरी तीज मनाई जाती हैं। हरतालिका तीज में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है।
यह व्रत सुहागन महिलाएं रखती है। यह व्रत महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती है। इस व्रत में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि, भगवान भोलेनाथ को अपने पति के रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने हरितालिका तीज व्रत रखा था।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा करने पर हर मनोकामना की पूर्ति होती है। यह व्रत कुंवारी लड़कियां भी मनचाहा वर पाने के लिए रखती हैं। आइए जानें हरितालिका तीज की तारीख व शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, ‘हरितालिका तीज’ व्रत इस साल 30 अगस्त 2022 को रखा जाएगा। इस दिन सुबह साढ़े छह बजे से लेकर 8 बजकर 33 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। जबकि शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा।
पूजा-विधि
महत्व
इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और कुंवारी कन्याएं इस व्रत को मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए रखती है। मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का पुनर्मिलन हुआ था। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए बहुत तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने उन्हें दर्शन दिए और पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार किया।