Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

इतने दिनों तक चलता है ‘बोहाग बिहू’ का पर्व, जानिए इसकी परंपरा और महत्व

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: Apr 21, 2022 | 08:22 AM
Follow Us
Close
Follow Us:

– सीमा कुमारी

‘बोहाग बिहू’ (Bohag Bihu) असम का एक लोकप्रिय त्योहार है। यह त्योहार साल में तीन बार मनाया जाता है। जनवरी महीने के मध्य में ‘भोगाली बिहू’ मनाया जाता है। इसे ‘माघ बिहू’ भी कहते है। अप्रैल के मध्य में ‘बोहाग बिहू’ (Bohag Bihu) मनाया जाता है, जो ‘रोंगाली बिहू’ या ‘हत बिहू’ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा, तीसरी बार अक्टूबर के मध्य में मनाया जाता है। लेकिन ‘बोहाग बिहू’ से असम में नए साल की शुरुआत होती है। ये पर्व मुख्य रूप से किसान भाइयों को समर्पित है। इस साल भी यह ख़ास पर्व 14 अप्रैल से शुरू हो चुका है। यह त्योहार एक हफ्ते तक मनाया जाता है। आइए जानें असम के महापर्व के बारे में –

‘रोंगाली बिहू’ का पर्व इस तरह मनाया जाता है:

  • राती – यह चट महीने (बैसाख) की पहली रात से शुरू होता है और उरुका तक जारी रहता है। यह आमतौर पर किसी पुराने पेड़ या एक खुले मैदान के नीचे इकट्ठा होकर मनाया जाता है।
  • चट – महीने के दूसरे दिन, उरुका से पहले या रोंगाली बिहू की औपचारिक शुरुआत तक बिहू गाने और नृत्य किए जाते है। स्थानीय लोग घर के बाहर यह नृत्य करते
    है।
  • गोरू बिहू – संक्रांति का दिन या रोंगाली बिहू का पहला दिन पशुधन (पालतू जानवरों) को समर्पित है। इस दिन मवेशियों को एक नदी या तालाब में लाया जाता है और जड़ी-बूटियों से धोया जाता है। लोग पारंपरिक खेल भी खेलते है। शाम के समय, मवेशियों को वापस खेत में ले जाया जाता है।
  • मनु बिहू – यह वैशाख महीने के पहले दिन मनाया जाता है। लोग स्नान करते हैं और नए कपड़े पहनते हैं। वे बड़ों से आशीर्वाद भी मांगते हैं और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक के रूप में पहने जाने वाले उपहार के रूप में बिहूवन या गामुसा कपड़े का आदान प्रदान करते हैं।
  •  कुतुम बिहू – दूसरे दिन, लोग अपने परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलने और पारंपरिक भोजन का आनंद लेते हैं।
  •  मेल बिहू – तीसरे दिन मेलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं होती हैं, जिसमें पूरे असम के लोग शामिल होते हैं।
  • चेरा बिहू – इस दिन को ‘बोहागी बिदर’ या ‘फाटो बिहू’ के रूप में भी जाना जाता है। और, ‘रोंगाली बिहू’ के चौथे और अंतिम दिन लोग उत्सव मनाते हैं।

‘Bohag Bihu’ का महत्‍व

‘बोहाग बिहू’ त्यौहार के साथ ही असम के लोग नए साल की शुरुआत मानते हैं। यही वजह है कि इस दिन लोग पारंपरिक परिधान में पूरे जोश खरोश के साथ असम का पारंपरिक नृत्य ‘बिहू’ करते हैं। माघ बिहू अमूमन किसानों का त्यौहार माना जाता हैं। इस दिन किसान खेतों से फसलों की कटाई करते हैं और प्रकृति और ईश्वर से भविष्य में भी अच्छी पैदावार की कामना करते हुए धन्यवाद अदा करते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

Pune Railway Division में बड़ा एक्शन: 1600 से ज्यादा गिरफ्तारियां, लाखों का सामान बरामद

संभाजीनगर मनपा बजट बैठक में हंगामा, चर्चा में गूंजे बुनियादी मुद्दे; प्रशासन पर बरसे नगरसेवक

‘नरक के दरवाजे खुलेंगे’, Iran ने ट्रंप के अल्टीमेटम को बताया बचकाना, बोले- हम पर परमाणु हमला हुए तो खाड़ी…

50 रुपये से शुरू हुआ सफर, ‘अनुपमा’ ने बदल दी किस्मत, आज करोड़ों की मालकिन हैं रूपाली गांगुली

बिहू का दूसरा महत्व है कि इसी समय धरती पर वर्षा की पहली बूंदें पड़ती हैं जिससे पृथ्वी नए रूप से सजती है। इस दौरान नई फसल आने की तैयारी होती है। बिहू के अवसर पर युवक एवं युवतियां साथ-साथ ढोल, बांसुरी, पेपा, गगना, ताल इत्यादि के साथ अपने पारंपरिक परिधान में एक साथ बिहू करते हैं। कहा जाता है कि ढोल की आवाज से आसमान में बादल आ जाते हैं जिससे बारिश शुरू हो जाती है जिससे खेती अच्छी होती है। बिहू के समय में गांव में खेल-तमाशों का आयोजन किया जाता है।

The festival of bohag bihu lasts for so many days know its tradition and importance

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 21, 2022 | 08:22 AM

Topics:  

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.