Mother’s Day 2025: नई मां बनने के बाद इन टिप्स के जरिए रखें अपना ख्याल, नहीं रहेगा मन में कोई गिल्ट का भाव
कई बार ऐसा होता है कि, नई मां बनने के बाद अधिकतर मां अपने बच्चे की देखभाल को लेकर गिल्ट में रहती है और इसका असर उनके फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। इस दौरान नई मांएं इन बातों का ख्याल रख सकती है।
- Written By: दीपिका पाल
नई मांएं ऐसे रखें खुद का ख्याल (सौ. सोशल मीडिया)
Mother’s Day 2025: आज दुनियाभर में विश्व मातृ दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन दुनिया की सभी प्यारी माताओं को समर्पित दिन होता है जिसमें हम मां के प्रति अपना प्यार खूबसूरत तरीके से व्यक्त करते है। मां जहां पर 24 घंटें सातों दिन अपने प्यार औऱ बच्चों के लिए जीवन वार देती है ऐसी शख्सियत को देवी की मूरत कहा जाता है। मां, बिना कुछ कहें ही हमारे हर भाव और दु:ख की दवा बन जाती है। मां, कैसी शख्सियत है इसका पता हमें खुद मां बनने के बाद ही चलता है। आजकल की मांएं वर्किंग भी है जो काम के साथ अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही है।
कई बार ऐसा होता है कि, नई मां बनने के बाद अधिकतर मां अपने बच्चे की देखभाल को लेकर गिल्ट में रहती है और इसका असर उनके फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर असर पड़ता है। नई मां बनने के बाद जिम्मेदारियों के साथ अपना ख्याल कैसे रखें चलिए जानते है…
नई मां इन टिप्स के जरिए रखें खुद का ख्याल
नई मांए घर औऱ कामकाज के बीच तालमेल बिठाकर अपना ख्याल रख सकती है, इसके लिए बस इन बातों का ख्याल रखना जरूरी होता है जो इस प्रकार है…
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1- नई मांएं घर परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी के बीच खुद का ख्याल बिल्कुल नहीं रखती है। इसकी वजह से वे फिजिकली और मेंटली तौर पर थक जाती है। इसके लिए आप जरूरी है कि आप स्वयं के लिए भी कुछ न कुछ समय निकालें। ऐसा करने से आप खुद का ख्याल रख सकते है और अपनों का भी।
2- मां बनने के बाद हर किसी के लिए नई जिंदगी की शुरूआत हो जाती है। नन्हे मेहमान के आने के बाद उसकी देखभाल के लिए पूरा समय निकालती है लेकिन जब अपनी बारी आती है तो अपनों के सिवा कुछ नजर नहीं आता।आजकल अधिकतर औरतें घर के साथ साथ बाहर की जिम्मेदारियां भी निभा रही होती हैं। ऐसे में बच्चे की देखभाल में पहले की तरह समय देना मुश्किल होता है इसके लिए अपराध बोध का भाव बिल्कुल नहीं रखें।
3-शादी और बच्चा होने के बाद महिलाएं अपना करियर छोड़ देती है। जब बच्चे बड़े हो जाते है और अपनी जिंदगी में व्यस्त होते है तो उन्हें अपने करियर को लेकर पछतावा होता है। यहां पर आप पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाते समय परिवार की जरूरतों का ध्यान रखते हुए थोड़ा बैलेंस बनाने की कोशिश करें।
4-आप अपनी जिम्मेदारियां वैसे निभाएं जैसे आप निभाना चाहती हैं। रिश्तों से तालमेल बिठाने का पूरा जिम्मेदारी महिलाओं की नहीं होती है। दूसरों की बातों पर ध्यान दिए बिना आप अपना काम करते जाएं।
5- घर से लेकर परिवार की जिंदगी महिलाएं बखूबी निभाती है जहां पर वे हर किसी के लिए हमेशा अवेलेबल होती है। बच्चे की देखभाल करने के लिए आप पार्टनर की जरूर मदद लें क्योंकि जिम्मेदारी दोनों की होती है। इससे आपके ऊपर पड़ रहा दबाव कुछ कम हो सकता है और परिवार के दूसरे सदस्यों को भी अपनी जिम्मेदारी का अहसास होगा।
