इस दिन है ‘सरस्वती पूजा’, जानें सही तिथि, पूजा मुहूर्त और विद्यार्थियों के लिए इसका महत्व
- Written By: नवभारत डेस्क
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-सीमा कुमारी
‘वसंत पंचमी’ (Basant Panchami) का पावन पर्व इस साल 5 फरवरी को है। यह पर्व हर साल माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन ज्ञान, वाणी और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन को सरस्वती पूजा के नाम से भी जानते हैं।
हिन्दू धर्म में सरस्वती पूजा के दिन बच्चों की शिक्षा प्रारंभ कराने या अक्षर ज्ञान शुरू कराने की भी एक विशेष परंपरा है। आइए जानें इस वर्ष सरस्वती पूजा कब है ? पूजा का मुहूर्त क्या है?
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शुभ-मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 05 फरवरी दिन शनिवार को सुबह 03.47 बजे से होगा। पंचमी तिथि अगले दिन 06 फरवरी दिन रविवार को सुबह 03.46 बजे तक मान्य होगा। ऐसे में सरस्वती पूजा 05 फरवरी को देशभर में मनाया जाएगा। इस दिन ही वसंत पंचमी या बसंत पंचमी भी मनाई जाती है। ‘बसंत पंचमी’ की पूजा 05 फरवरी की सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12.35 बजे तक है।
इस साल की सरस्वती पूजा ‘सिद्ध योग’ में है। 05 फरवरी को सिद्ध योग शाम 05 बजकर 42 मिनट तक है, उसके बाद से साध्य योग शुरू हो जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक है। ‘वसंत पंचमी’के दिन रवि योग शाम 04:09 बजे से अगले दिन प्रात: 07:06 बजे तक है।
पौराणिक मान्यता है कि, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ज्ञान और वाणी की देवी मां सरस्वती ब्रह्माजी के मुख से अवतरित हुई थीं। इस दिन को देवी सरस्वती की पूजा के लिए समर्पित कर दिया गया। इस वजह से हर साल वसंत पंचमी को सरस्वती पूजा का आयोजन किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, ‘वसंत पंचमी’ को पूजा करने से मां सरस्वती जल्द ही प्रसन्न होती हैं।
