सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम: आज यानी 1 नवंबर 2023 बुधवार को ‘करवा चौथ’ (Karwa Chauth 2023) का पावन त्योहार पूरे देशभर में मनाया जा रहा है । इस साल करवा चौथ (Karwa Chauth) के दिन 100 साल के बाद एक महासंयोग बन रहा है। दरअसल, 100 साल के बाद मंगल और बुध एक साथ विराजमान होंगे, उसकी वजह से बुध आदित्य योग बन रहा है, जो बहुत ही शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं करवा चौथ के दिन शिव योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। यह योग सुबह 7:34 से लेकर सुबह 9:13 तक रहेगा।
सुहागिनों का सबसे अहम व्रत करवा चौथ हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। करवा चौथ का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन पत्नी अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा करती हैं। लेकिन, कई बार ऐसा होता है। जब सुहागिन महिलाएं किसी कारण बस करवा चौथ का व्रत नहीं कर पाती हैं तो ऐसे में धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक उनके पति इस व्रत को कर सकते हैं या नहीं, आइए जानें इस बारे में-
ज्योतिषियों के अनुसार, कई बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, जब करवा चौथ का व्रत होता है और सुहागिन महिलाएं गर्भवती रहती हैं। ऐसी स्थिति में वह निर्जल व्रत नहीं कर पाती हैं, तो उनके पति विधि-विधान पूर्वक करवा चौथ का व्रत करते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता भी हैं। करवा चौथ का व्रत केवल महिला ही नहीं, बल्कि उनके पति भी अपनी पत्नी की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रख सकते हैं। खास तौर पर अगर पत्नी प्रेग्नेंट हैं और व्रत रखने में सक्षम नहीं है। लेकिन, उन्हें कुछ नियमों का पालन करना जरूरी होता है।
ज्योतिषियों का मानना है कि अगर किसी कारण बस कोई सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत नहीं रह पा रही है तो उनके पति करवा चौथ का व्रत रह सकते हैं। इसके साथ ही वह करवा चौथ के पूजन का सारा विधान भी कर सकते हैं। अगर आपकी पत्नी करवा चौथ का व्रत नहीं कर पा रही हैं और आप करवा चौथ का व्रत रख रहे हैं, तो इन नियमों का पालन करें।
आजकल समय काफी बदल गया है और पति-पत्नी का रिश्ता बराबरी का बन गया है। अब केवल पत्नी ही नहीं, बल्कि पति भी करवा चौथ का व्रत करते हैं। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है और दांपत्य जीवन भी खुशहाली आती हैं। अगर आप भी अपनी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत कर रहे हैं तो जान लें इसके नियम-
आमतौर पर महिलाएं व्रत करती हैं और वह भूख-प्यास कंट्रोल कर लेती हैं। लेकिन, पुरुषों को व्रत करने की आदत कम होती है। अगर आप अपनी पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत कर रहे हैं और आपसे प्यास बर्दाश्त नहीं होती तो आप निर्जल की जगह सजल व्रत कर सकते हैं। यानि आप पानी ग्रहण कर सकते हैं।
पत्नी के लिए करवा चौथ का व्रत कर रहे हैं तो सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर भगवान शिव व माता पार्वती का ध्यान करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए। करवा चौथ के दिन महिलाओं के अलावा पुरुषों को भी काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। यह रंगों का त्योहार और शुभ अवसर पर वैसे भी काले व सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
महिला हो या पुरुष अगर कोई व्यक्ति करवा चौथ का व्रत कर रहा है तो उसे व्रत कथा अवश्य पढ़नी चाहिए। पति ने व्रत रखा है तो उसे पत्नी के साथ बैठकर व्रत कथा पढ़नी व सुननी चाहिए। क्योंकि बिना व्रत कथा कोई भी व्रत या पूजा अधूरी होती है।