

रेटिनॉल फाइन लाइन्स और त्वचा की बनावट सुधारने में मदद करता है।
रेटिनॉल को जमाकर चेहरे पर लगाना सोशल मीडिया ट्रेंड है।
गलत तरीके से आइस क्यूब और रेटिनॉल का इस्तेमाल त्वचा में जलन, रूखापन और इरिटेशन बढ़ा सकता है।
Retinol Skincare Trend: आजकल सोशल मीडिया पर स्किनकेयर के कई नए ट्रेंड देखने को मिलते हैं। इन्हीं में से एक है रेटिनॉल आइस क्यूब्स। इसमें रेटिनॉल सीरम को पानी में मिलाकर आइस ट्रे में जमा दिया जाता है। फिर इन क्यूब्स को चेहरे पर लगाने की सलाह दी जाती है। इस ट्रेंड में दावा किया जाता है कि इससे चेहरे की सूजन कम होती है, त्वचा टाइट दिखती है और झुर्रियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं।
रेटिनॉल विटामिन A से जुड़ा एक स्किनकेयर इंग्रेडिएंट है। इसका इस्तेमाल फाइन लाइन्स, असमान रंगत, स्किन टोन, पिगमेंटेशन और त्वचा की बनावट में सुधार के लिए किया जाता है। यह त्वचा में कोलेजिन को प्रभावित करता है और नियमित इस्तेमाल से फाइन लाइंस को कुछ हद तक कम करता है।
बता दें कि यह दो तरह से काम कर सकता है। पहली, रेटिनॉल के एंटी-एजिंग गुण और दूसरी, चेहरे पर ठंडक देने का असर। बर्फ से चेहरे की हल्की सूजन कुछ समय के लिए कम दिखाई देती है। ठंडक के कारण त्वचा पर मौजूद ब्लड वेसेल्स सिकुड़ती हैं, जिससे कुछ समय के लिए चेहरे से सूजन कम हो जाता है, लेकिन इससे झुर्रियां खत्म नहीं होती है।
वहीं, रेटिनॉल सीरम को पानी में मिलाकर जमाने और फिर त्वचा पर लगाने से उसके फायदे बढ़ जाते हैं, यह एक्सपर्ट द्वारा किया गया दावा नहीं है। बाजार में मिलने वाले रेटिनॉल प्रोडक्ट एक खास फॉर्मूलेशन के साथ बनाए जाते हैं। उन्हें फ्रीज करके इस्तेमाल करने की सलाह किसी भी रेटिनॉल क्रीम या सीरम में नहीं दी जाती है।
रेटिनॉल का गलत या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल त्वचा में रूखापन, लालिमा, जलन और पपड़ी निकलने जैसी समस्या पैदा कर सकता है। दूसरी तरफ, सीधे बर्फ को चेहरे पर रगड़ने से भी त्वचा में इरिटेशन और ठंड से होने वाली लालिमा हो सकती है।
शुरुआत कम स्ट्रेंथ वाले रेटिनॉल प्रोडक्ट से करें।
पहले पैच टेस्ट करें और शुरुआत में सप्ताह में 2 बार इस्तेमाल करें। त्वचा पर जंचने लगे, तो सहन कर पाए तो धीरे-धीरे इस्तेमाल बढ़ाएं।
चेहरे को साफ करके अच्छी तरह सुखाने के बाद प्रोडक्ट की पतली लेयर लगाएं।
रेटिनॉल को आंखों के आसपास, होंठों और नाक के किनारों पर लगाने से बचें।
इसके बाद मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि रूखेपन और जलन की समस्या न हो।
दिन में एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं।