नवभारत डिजिटल डेस्क: समोसा (Samosa) बेहद ही लजीज स्नैक्स माना जाता है। भारत के हर गली नुक्कड़ से लेकर फाइव स्टार होटलों में आपको समोसे और चाय का कॉम्बिनेशन चखने का मौका मिल जाएगा। शादी ब्याह से लेकर जन्मदिन के मौके पर लोगों के सामने समोसे को बड़े गर्व के साथ परोसा जाता है। अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि हम, समोसे की इतनी तारीफ़ क्यों कर रहे हैं। समोसे के बारे में तो हर कोई अच्छी तरह से जानता है। लेकिन हम आपको एक ऐसी जगह (Country) के बारे में बताने वाले हैं, जहां पर समोसा खाना (Eating) अपराध माना जाता है। अगर गलती से यहां समोसा खाते पकड़े गए तो उसके लिए सजा (Punishment) भी हो सकती है।
इस देश में बैन है समोसा (Ban on Samosa)
सोमालिया नामक देश में समोसा बनाने से लेकर खाने, बेचने और खरीदने पर बैन है। अगर सोमालिया में किसी को सोमसे के साथ पकड़ा जाता है तो उसे सजा दी जाती है। सोमालिया में समोसे पर बैन लगने का कारण इसका त्रिकोणीय आकार है। सोमालिया के एक चरमपंथी समूह का मानना है कि समोसा त्रिकोणीय है और वो क्रिश्चियन समूह के पवित्र चिन्ह से मिलता है। जिसे सोमालिया में बेहद सम्मान की नजरों से देखा जाता है। समोसा भी त्रिकोणीय होता है जिसे लेकर चरमपंथी समूह पसंद नहीं करते हैं। यही कारण है कि सोमलिया में समोसे पर बैन लगा हुआ है।
समोसा पहली बार कहां बनाया गया
रिपोर्ट की माने तो एक दूसरा कारण भी बताया जाता है, जिसके कारण सोमसे पर बैन लगाया गया है। दरअसल सोमालिया की हालत जगजाहिर है। वहां पर समोसे के अंदर मरे हुए जानवरों के मांस को मिलाकर बेचें जानें की खबर सामने आई थी। जिसके बाद सोमासे पर बैन लगाने का फैसला लिया गया। आमतौर पर समोसे के अंदर उबला हुआ आलू और मटर को मसाले में मिलाकर बनाये हुए मिश्रण को भरा जाता है। उसे मैदे से बने कवर में भर कर त्रिकोणीय शेप दिया जाता है। फिर तेल में तल के खाने के लिए परोसा जाता है। खैर समोसे पर चर्चा उठी है तो मन में यह भी सवाल आता है कि आखिर समोसा पहली बार कहां बनाया गया था, कैसे ये भारत में पहुंच के सभी का फेवरेट हो गया।
कहां से समोसा भारत आया
ईरानी इतिहासकार अबुल-फल बेहाकी ने अपने लेख तारीख ए बेहाकी में समोसे का जिक्र करते हुए कहा है कि गजनवी की दरबार में ऐसी नमकीन चीज मिलती थी। उस समय उसमे कीमा और मावा भरकर खाने के लिए परोसा जाता था। वहीं, समोसा मध्य एशिया के एक अरबी सौदागर के साथ 10वीं सदी में सामने आया। यह माना जाता है कि समोसा मिस्र में सबसे पहली बार बनाया गया था और उसके बाद वहां से आगे बढ़कर लीबिया और मध्य पूर्व में पहुंचा। वहीं भारत में सोमोसा अफगानिस्तान से आया। इस दौरान अलग-अलग देशों से समोसा काफी बदल गया और जहां मेवा और मांस भरा जाता था, भारत में इसमें आलू-मटर भरकर लोग खाने लगे। फ़िलहाल ‘संबुश्क’ (sanbusak) कैसे समोसा बना इसे लेकर कई अलग-अलग जानकारी है।