Mothers Day: क्यों बदल गई 2026 में Mother’s Day की तारीख? जानिए कब मनाया जाएगा और इसका इतिहास भी
Mothers Day Importance And Facts: साल 2026 में मदर्स डे की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है। दरअसल, यह हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है, इसलिए इसकी तारीख बदलती रहती है।
- Written By: सीमा कुमारी
मां और बेबी (सौ. AI )
Mothers Day History And Significance: वैसे तो, मां का कोई दिन नहीं होता है। हर दिन मां से ही शुरू होता है लेकिन फिर भी एक ऐसा खास दिन है, जो मुख्य तौर पर माताओं को समर्पित होता है। हम बात कर रहे है ‘मदर्स डे’। मां के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए भारत समेत कई देशों में हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। ऐसे में इस साल मदर्स डे 10 मई को मनाया जाने वाला है।
कब मनाया जाएगा? मदर्स डे 2026?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर वर्ष मदर्स डे मई के महीने के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। ऐसे में इस साल मदर्स डे 10 मई को मनाया जाएगा। पिछले साल मदर्स डे 11 मई को पड़ा था। इस दिन आपको अपनी मां को विश और अपना स्नेह जरूर देना चाहिए। रविवार का दिन छुट्टी का होता है, ऐसे में आप उन्हें इस दिन पर कहीं घूमाने ले जा सकते हैं।
आखिर क्यों मनाया जाता है मदर्स डे?
मातृव दिवस यानी मदर्स डे मनाने के पीछे एक खास कारण है। मां अपने बच्चों की देखभाल करने, उनका ख्याल रखने में हमेशा व्यस्त रहती है। इसलिए, एक खास दिन को उन्हें समर्पित किया गया है मां अपने बच्चों के लिए बहुत कुछ करती है और बदले में कुछ नहीं मांगती। मदर्स डे का दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपनी मां को हमेशा सम्मान देना चाहिए और उन्हें प्यार जताना चाहिए। यह दिन हमें मौका देता है कि एक दिन अपनी मां के लिए हम कुछ कर सकें।
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मदर्स डे पहली बार कब मनाया गया था
एना जार्विस नामक एक महिला
बताया जाता है कि, पहली बार मदर्स डे (Mothers Day) अमेरिका में मनाया गया था। वहीं से इस दिन की शुरुआत हुई थी। इस दिन को सबसे पहले एना जार्विस नामक एक महिला ने अपनी मां की याद में उन्हें समर्पित करते हुए इस दिन को मनाने का विचार पेश किया था।
इसके बाद साल 1908 में, एना ने अपनी मां की याद में वेस्ट वर्जीनिया के एक चर्च में खास सभा आयोजित की, जो माता को समर्पित थी। बताया जाता है कि एना की मां, ऐन रीव्स जार्विस, एक शांति कार्यकर्ता थीं।
कब हुई थी मदर्स डे मनाने की शुरुआत?
मदर्स डे मनाने की शुरुआत एना रीव्स जार्विस ने की थी। कहा जाता है कि इस दिन के जरिए एना अपनी मां एन रीव्स जार्विस को श्रद्धांजलि देना चाहती थीं। उनकी मां, गृहयुद्ध के समय एक एक्टिविस्ट की तरह काम करती थीं। जब 1904 में उनकी मौत हो गई तो उनकी याद में पहली पुण्यतिथि पर वेस्ट वर्जिनिया में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इसमें कई महिलाएं भी शामिल हुईं। जो महिलाएं मां बन चुकी थीं उन्हें 500 से ज्यादा व्हाइट कार्नेशन फूल दिए गए। ये उनकी मां का पसंदीदा फूल हुआ करता था। इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि हर साल Mother’s Day मनाया जाना चाहिए।
1914 में अमेरिका के राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने अधिकारिक रूप से मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे घोषित कर दिया।
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मई के दूसरे रविवार को ही क्यों चुना गया?
दरअसल, एना के मां की मौत मई में हुई थी। उन्होंने अपनी मां को श्रद्धांजलि देने के लिए मई के दूसरे रविवार को ही श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था। इस तारीख को चुनने की वजह यह थी कि रविवार के दिन हर किसी की छुट्टी होती है। इसलिए वे अपने परिवार व खासकर मां के साथ समय बिता सकते हैं।
मदर्स डे का महत्व
- मां को सम्मान और प्यार देने का मौका
- मां के योगदान को याद करने का दिन
- मां-बच्चे के रिश्ते को और मजबूत करने का मौका
- समाज में मातृत्व की भूमिका को उजागर करने का माध्यम
