Life Skills For Kids: सिर्फ पढ़ाई नहीं, बच्चों को जरूर सिखाएं ये 5 लाइफ स्किल्स; भविष्य में आएंगी सबसे ज्यादा
Child Development Tips: भविष्य को संवारने के लिए जितनी जरूरी पारपंरिक शिक्षा है, उतनी ही जरूरी कुछ लाइफ स्किल्स भी हैं, जो बच्चों में लॉन्ग टर्म परिवर्तन लाते हैं। इसमें जीवन जीने की कला छुपी होती है।
- Written By: रीता राय सागर
लाइफ स्किल (फोटो.सोशल मीडिया)
Essential Life Skills For Kids: परिजन होने के नाते माता-पिता अकसर केवल बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देते हैं, जबकि बेहतर भविष्य के लिए और हर परिस्थिति में अडिग खड़े रहने के लिए कई ऐसे स्किल हैं, जो बच्चों को आनी ही चाहिए। हालांकि यह बात सच है कि पढ़ाई-लिखाई करने से ही बच्चे का भविष्य बेहतर होता है।
लेकिन पढ़ाई के साथ कुछ अलग हॉबीज और स्किल्स का आना भी उतना ही जरूरी है। कई बार किताबी ज्ञान के साथ-साथ स्किल्स की भी जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं कौन सी लाइफ स्किल बच्चों को जरूर सीखनी चाहिए।
नई भाषा का ज्ञान
वर्तमान समय में एक नहीं कई भाषाओं का ज्ञान जरूरी हो गया है। फिर चाहे वो स्थानीय भाषा हो या कोई इंटरनेशनल लैंग्वेज। आप अपने बच्चे को नई-नई भाषाएं सिखा सकते हैं। जब बच्चा कई तरह की भाषाएं सीखता है, तो उसका कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होता है। साथ ही जब बचपन से आप उन्हें ये चीजें सिखाती हैं, तो वे इन्हें आसानी से सीख जाता है। हिंदी, अंग्रेजी भाषा के अलावा स्पेनिश या फ्रेंच को पढ़ना, लिखना और बोलना सिखना भी भविष्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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लाइफ स्किल (फोटो.सोशल मीडिया)
इसके लिए मुफ्त वीडियो, ऑडियो ट्यूटोरियल या फिर कई तरह के ऐप्स मौजूद हैं, जो बच्चों को खेल-खेल में नई भाषा सीखा सकते हैं।
अलग-अलग जॉनर की किताबें पढ़ने की आदत
बच्चों को किताबें पढ़ने की आदत जरूर डालें। खासकर अलग-अलग विषय की किताबें पढ़ने के लिए कहें। इससे उन्हें नए-नए शब्दों को जानने, उसके मायने सीखने का मौका मिलता है। इससे बच्चों में एकाग्रता बढ़ती है। इसके अलावा बच्चों को बोल-बोलकर पढ़ने के लिए प्रेरित करें और जो भी नए या कठिन शब्द मिलें, उसे डायरी में नोट करें और उसके मायने ढुंढे।
लाइफ स्किल (फोटो.सोशल मीडिया)
मार्शल आर्ट सिखाएं
आज के समय में बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग करने की बात की जाती है। मानसिक रूप से तेज होना जितना जरूरी है, उतना ही शारीरिक रूप से एक्टिव होना भी जरूरी है। बच्चों को मार्शल आर्ट सिखाएं, इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी फिटनेस भी अच्छी रहती है।
क्रिएटिव राइटिंग की आदत डालें
अकसर बच्चों का समय स्कूल, होमवर्क और खेलकूद में चला जाता है। इन सबके साथ बच्चों को क्रिएटिव राइटिंग के लिए भी प्रेरित करें। शुरुआत रोज की दिनचर्या लिखने से की जा सकती है। ऐसा करने से उनकी थिंकिंग कैपेसिटी और इमेजिनेशन पावर दोनों बढ़ेगी।
लाइफ स्किल (फोटो.सोशल मीडिया)
स्विमिंग की करें शुरुआत
स्विमिंग एक ऐसी आदत या शौक है, जो फिजिकल एक्टिविटी के साथ-साथ मेंटल हेल्थ को भी फिट रखता है। इससे बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ती है। इसके लिए बच्चों को रेगुलर स्विमिंग क्लास में एडमिशन कराया जा सकता है। यदि बच्चे की रुचि स्विमिंग में बढञती है, तो इसे एक करियर ऑप्शन के तौर पर भी अपनाया जा सकता है।
