सफलतापुर्वक जीवन जीने के लिए हमें सकारात्मक रहना बेहद जरुरी है। जीवन में सकारात्मकता, ख़ुशी और सफलता एक दूसरे से ही जुड़े है।अगर आप जीवन में सकारात्मक है तो आप खुश रहेंगे और यदि आप खुश हैं तो ही आप जीवन में सफल हो पाएंगे। दुनिया में सकारात्मक इंसान वो नहीं बन सकता जिसके मन मे क्रोध है जिसके मन में डर है और जो जीवन में किसी से जलता है। जो इंसान इन सब बुराइयों से परे है या दूर है उसका मन ही सकारात्मक मन है। वह ही इंसान अपने जीवन को अच्छे से व्यतीत कर सकता है।
अगर आप भी अपने जीवन को अच्छे से जीना चाहते हैं।तो सकारात्मक जीवन को अपनाए जिंदगी में कभी भी किसी भी गलत चीज़ से ना डरे जिंदगी में कभी भी किसी की कामयाबी से ना जले सिर्फ उससे रेस कर के उसकी तरह या उससे भी आगे निकलने की सोच रखे। जीवन में कभी भी क्रोध ना करे जीवन को मुस्कुरा कर हँसी ख़ुशी से जिए क्रोध किसी भी चीज़ का हल नहीं है। क्रोध से बनने वाला काम भी खराब होता है। आज हम आपको यह बताएँगे की सकारात्मक कैसे बने? सकारात्मकता क्या होती है? सकारात्मक बनने के फायदे, सकारात्मक बनने के टिप्स (tips)
सकारात्मक बनने के लिए आपको हर चीज़ में अच्छाई को ढूंढना होगा। सकारात्मक बनने के लिए आपको अपने जीवन में अच्छे विचारों को अपनाना होगा। सकारात्मक बनने के लिए आपको अच्छा सोचना और अच्छा बोलना होगा। हर एक इंसान का आदर करना होगा। अपने अंदर के डर को बहार निकलना होगा। अपने अंदर के क्रोध को छोड़ना होगा। सब से प्यार करना होगा। सकारात्मक इंसान ही अपने जीवन को अच्छे से ज़ी सकता है। कल की
दुनिया का सबसे बड़ा सच यही है कि हर चीज़ अपने एक निर्धारित समय पर ही होनी है। आज जो होना है कल जो होगा उसका समय तय है। इसीलिए वर्तमान में जिए कल का सोचके व्यर्थ महि आज का समय बर्बाद न करे। इस तरह आपके मस्तिष्क पे बोझ कम रहेगा और आप आसानी से सकारात्मक रहते हुए आपनेा आने वाले कल के बारे में सोच पाएंगे।
क्रोध इंसान का सबसे बड़ा दुशमन है। क्रोध से हर काम खराब ही होता है। जीवन में जो होना था वो तो हो गया उसके ऊपर क्रोध करने से कुछ नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर आप मान लीजिए कि आप एक दुकानदार है। किसी एक ग्राहक की किसी बात से आपको दुख पहुंचा और आपको क्रोध आ गया और उसी क्रोध के कारण अपने दूसरे ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया तो इसमें आपका ही नुकसान है। इसलिए आप क्रोध मुक्त जीवन जीए।
हर एक को किस्मत पर विश्वास करना चाहिए। किस्मत हमेशा मेहनत करने से अच्छी होती है। कहते है कि किस्मत हमेशा लकीरो में छुपी होती है तो क्या उनकी किस्मत नहीं होती जिनके हाथ नहीं होते।किस्मत की जगह महेशा मेहनत पर विश्वास करें।
अगर आप कोई काम शुरू करते हैं तो उस काम को लेकर आप नकारात्मक विचार रखेंगे तो आपका काम कभी भी ठीक तरह से नहीं होगा अगर आप सोचेंगे कि जो काम आप कर रहे हैं कल को वो चलेगा या नहीं चलेगा इसमें मुझे कोई मुनाफा होगा की नहीं होगा। अगर आप की मेहनत सच्ची भी होगी तो भी वो काम आपकी नकारात्मक सोच की वजह से पूरा नहीं हो पायेगा। इस लिए यह जरूरी है कि आप नकारात्मक सोच को त्याग दे और सकारात्मक सोच को अपना ले
इस के बारे मे मै आपसे बस इतना कहना चाहूंगी कि सकारात्मकता एक ऐसी सोच है जो आपके बिगड़े काम को भी बना देती है। जैसे की आपकी कोई चीज़ खो जाती है तो आप यह सोचेगे की उसका मिल पाना मुश्किल है तो आप उस चीज़ को ढूंढने की कोशिश भी नहीं करेंगे। यदि आप यह सोचेंगे कि वह चीज़ आपको मिल जायेगी तो वह आपकी किस्मत में मिलनी नहीं भी लिखी होगी तो आपको मिल ही जायेगी। क्योंकी आप उस चीज़ को ढूंढने की कोशिश तब तक जारी रखेंगे जब तक वह चीज़ आपको मिल नहीं जाती। लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन के तहत चमड़े जीवन में चीजे ऐसी होती है जैसे हम सोचते है।
सकारात्मक रहने के कई फायदे है जिनमे से कुछ इस प्रकार है-