स्याही माता मंदिर का रहस्य जानिए (डिजाइन फोटो)
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: जैसा कि, 9 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है इस दिन से माता दुर्गा के नौ रूपों की आराधना नियमित रूप से माता के भक्तों द्वारा की जाएगी। भारत में माता जी के कई सारे मंदिर है तो वहीं पर इन मंदिरों में मान्यताएं भी काफी है, जिनके बारे में कम ही लोगों को जानकारी होती है। ऐसे ही उत्तराखंड (Uttarakhand) के अल्मोड़ा में स्याही देवी मंदिर (Syahi Devi Temple) का नाम सुनने में आता है जहां पर माता का रूप दिन के तीन प्रहर में बदलता है।
क्या है मंदिर से जुड़ा रहस्य
यह स्याही मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा से करीब 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो पहाड़ की ऊंची चोटी में शीतलखेत में बसा है। जिसका निर्माण कत्यूरी राजाओं ने किया था जहां पर चारों ओर घने जंगल के साथ शेर भी नजर आते है। इस मंदिर से जुड़ा रहस्य यह है कि इसमें एक दिन में माता के तीन रुप यानि रंग दिखाई देते है। यहां पर जब सूर्य उदय होता है तो मां सुनहरे रंग में दिखाई देती है, दिन में मां का रूप काली का नजर आता है और शाम के वक्त मां सावले रंग में दिखाई देती है। यह रहस्य आज तक नहीं सुलझा है कि,आखिर रंग कैसे बदलता है।
इस तरह माता का बदलता है रूप (सोशल मीडिया)
मंदिर का इतिहास है पुराना
इस मंदिर में माता की मूर्ति के अलावा गणेश जी की प्राचीन मूर्ति भी देखने के लिए मिलती है जो करीब 1254 में स्थापित की गई थी। इसके अलावा इस मंदिर में भैरव और हनुमान जी आदि की मूर्ति की पूजा की जाती है। इतिहास में इस मंदिर में ही स्वामी विवेकानंद जी साधना करने के लिए आए थे।
भक्तों की मनोकामनाएं होती है पूरी
यहां पर मंदिर से जुड़ी कई बाते रहस्य में है तो यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए जाना जाता है। यहां पर मंदिर के दर्शन करने के लिए काफी संख्या में भक्त माता के मंदिर पहुंचते है जिस पर माता की ऐसी असीम कृपा है कि वह उनके कष्टों को तुरंत हर लेती है और मां यहां पर साक्षात विराजमान है। यहां पर मनोकामनाएं पूरी होने पर भक्त घंटी बांधते है तो वहीं कई भक्त भंडारा करवाते है।