- Hindi News »
- Lifestyle »
- How Climate Change Is Destroying Languages Read The Report Here
भाषाओं को कैसे खत्म कर रहा जलवायु परिवर्तन, पढ़े यहां रिपोर्ट
वर्ष 2021 में अमेरिका में 98 प्रतिशत स्वदेशी भाषाएं और ऑस्ट्रेलिया में 89 प्रतिशत स्वदेशी भाषाएं विल्पुत होने की कगार पर थीं। दोनों ही देशों का औपनिवेशिक इतिहास रहा है ....
- Written By: वैष्णवी वंजारी

मेलबर्न: अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के केलर में रहने वाली पॉलिन स्टेन्सगर का दो मई 2023 में 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया और उनके साथ उनकी भाषा भी खत्म हो गई। स्पोकाने के स्पोक्समैन रिव्यू में प्रकाशित खबर के मुताबिक, पॉलिन ‘इन-हा- उम-चीन’ भाषा बोलने वाली अंतिम व्यक्ति थीं। वॉशिंगटन राज्य क्षेत्र में अमेरिका के रहने वाले कुछ समूह इस भाषा में बात किया करते थे। पॉलिन के अपनी भाषा के प्रति प्यार को धन्यवाद, जिसकी वजह से हम इस भाषा से पूरी तरह अनजान नहीं हैं।
सैलिश स्कूल ऑफ स्पोकाने के प्रधानाचार्य क्रिस्टॉफर पार्किन ने बताया कि पॉलिन स्टेन्सगर ने छह पाठ्यपुस्तकों की रचना की और उनके पास भाषा की 100 से ज्यादा रिकॉर्डिंग हैं। अगर कोई भी ‘इन-हा-उम-चीन’ सीखना चाहता है तो वह सीख सकता है। लेकिन कुछ विलुप्त भाषाएं, ‘इन-हा-उम-चीन’ जितनी भाग्यशाली नहीं हैं। हम इन्हें हमेशा के लिए खो सकते हैं। दुनिया के कुछ हिस्से भाषाओं के संदर्भ में समृद्ध हैं लेकिन वहां लाखों लोग पर्यावरणीय आपदाओं के चलते विस्थापित होने के लिए मजबूर हैं, जो भाषाओं के विलुप्त होने का एक प्रमुख कारण है।
दुनियाभर में आज सात हजार से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं, जिनका इतिहास है और इन्हें बोलने वालों के पास इनका ज्ञान भंडार है। जब इन भाषाओं को बोलने वाले लोग अपने बच्चों को ही यह भाषाएं नहीं सिखाएंगे तो हम इन भाषाओं को खो देंगे। ऐसा अक्सर तब होता है जब कम प्रचलित भाषा बोलने वाले लोग आर्थिक रूप से अधिक लाभप्रद भाषाओं को अपना लेते हैं। इसमें कहीं न कहीं प्रवास ने एक अहम भूमिका निभाई है। उदाहरण के लिए अमेरिका में दूसरी पीढ़ी के अधिकतर आप्रवासी धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते हैं जबकि उनके माता-पिता की भाषा अंग्रेजी नहीं थी।
सम्बंधित ख़बरें
23 गांवों को मिलेगा नया जीवन: मनपा लेगी 2000 करोड़ का विश्व बैंक कर्ज, पुणे के ग्रामीण क्षेत्रों को राहत
जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती: मुंबई जैसे तटीय शहरों पर खतरा, 2030 तक 50% हरित ऊर्जा का लक्ष्य
अब हर गांव तक पहुंचेगा सटीक मौसम अलर्ट, AI से बदलेगा भारत का मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन का भविष्य
नवभारत संपादकीय: अभी से करें पेयजल संकट का समाधान
उनके माता-पिता की भाषा के बजाय अंग्रेजी आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से अधिक लाभकारी है। वर्ष 2021 में अमेरिका में 98 प्रतिशत स्वदेशी भाषाएं और ऑस्ट्रेलिया में 89 प्रतिशत स्वदेशी भाषाएं विल्पुत होने की कगार पर थीं। दोनों ही देशों का औपनिवेशिक इतिहास रहा है और पिछली शताब्दियों में यूरोप से बड़े पैमाने पर लोग यहां आकर बसे हैं। इसलिए आज का प्रवास संभवतः कल की भाषा को नुकसान पहुंचाएगा। प्रवास का एक बहुत बड़ा कारण पर्यावरणीय आपदाएं हैं।
मौजूदा प्रवासन चलन में जबरन प्रवास एक बड़ी और अहम भूमिका निभाता है। ‘ग्लोबल ट्रेंड्स रिपोर्ट 2022′ के मुताबिक, 2022 में 10.8 करोड़ से अधिक लोग जबरन विस्थापित हुए और उनमें से लगभग 6.10 करोड़ लोग अपने ही देश में विस्थापित होने के लिए मजबूर थे। पापुआ न्यू गिनी में कम से कम 90 लाख लोग रहे हैं और वे कुल मिलाकर 839 अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, जिनमें से 313 भाषाएं विलुप्त होने की कगार पर हैं। वानुअतु में तीन लाख लोग रहते हैं और 108 अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं, जिनमें से आधी से ज्यादा भाषाएं विलुप्त होने वाली हैं। इंडोनेशिया में 704 भाषाएं, भारत में 424 भाषाएं और फिलिपीन में 175 भाषाएं बोली जाती हैं और इन तीनों देशों में आधी भाषाएं संकट में हैं।(एजेंसी)
How climate change is destroying languages read the report here
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
नासिक मनपा की आमसभा में हंगामा, ठेका नियुक्तियां रद्द, स्थानीय युवाओं को मिलेगा मौका, महापौर का सख्त रुख
Feb 21, 2026 | 09:30 AMTriptii Dimri Career: प्रभास से माधुरी दीक्षित तक, तृप्ति डिमरी की झोली में मेगा फिल्मों की भरमार
Feb 21, 2026 | 09:29 AMहोली पार्टी में दिखना है सबसे जुदा? व्हाइट कुर्ती नहीं इन लेटेस्ट इंटो वेस्टर्न आउटफिट को करें स्टाइल
Feb 21, 2026 | 09:27 AM‘पीएम मोदी महान इंसान’, सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद ट्रंप का बड़ा एलान, जानें भारत पर क्या होगा असर?
Feb 21, 2026 | 09:20 AMकांग्रेस ने खो दिया दिमागी संतुलन! AI समिट में कांग्रेस के हंगामे पर भड़के CM फडणवीस, बोले- तुरंत मांगें माफी
Feb 21, 2026 | 09:17 AMनासिक: गोपनीय रखने की कोशिश नाकाम, 62 एकड़ जमीन की फाइलें गायब, राजस्व विभाग में हड़कंप
Feb 21, 2026 | 09:12 AMइन अदालतों का अब कुछ करना होगा! टैरिफ पर झटके के बाद जजों पर बरसे ट्रंप; मीटिंग की सीक्रेट बातें हुईं लीक
Feb 21, 2026 | 08:58 AMवीडियो गैलरी

‘अंधे थे राजा…सिर्फ बेटे की चिंता’, मैथिली ठाकुर ने सदन में खोली ‘लालू राज’ की पोल; नीतीश के बताया युधिष्ठिर
Feb 20, 2026 | 09:12 PM
ग्लोब मंच पर देश की साख से खिलवाड़, यूथ कांग्रेस के हंगामे पर भड़की भाजपा; बोली- कांग्रेस एंटी-नेशनल
Feb 20, 2026 | 09:06 PM
द्वारका हिट-एंड-रन: ‘मेरा सबकुछ उजड़ गया, अब न्याय के साथ मजाक मत करो’, आरोपी की जमानत पर भड़की पीड़ित मां
Feb 20, 2026 | 08:57 PM
रायबरेली के कुम्हार पर सवा करोड़ का GST नोटिस, मिट्टी के बर्तन बेचने वाले के नाम पर जालसाजों ने डकारे करोड़ों
Feb 20, 2026 | 08:50 PM
इंदौर में मानवता की मिसाल, ब्रेन डेड शख्स ने जाते-जाते 4 लोगों को दी नई जिंदगी; परिवार के फैसले को सलाम
Feb 20, 2026 | 08:45 PM
मौलाना मदनी के बयान पर भड़के Giriraj Singh, दिया दो टूक जवाब, बोले- भारत में रहने वाले लोग भारतवंशी
Feb 20, 2026 | 01:23 PM














