

दीवारों पर शेल्फ और मल्टीफंक्शनल फर्नीचर से फर्श की जगह बचाएं।
हल्के रंग, लंबे पर्दे और सही लाइटिंग से कमरा खुला और बड़ा दिखेगा।
कम बजट में स्टोरेज बॉक्स, मिरर और छोटे डेकोर पीस से बदलें घर का लुक।
Small Home Decor Ideas: आजकल शहरों में छोटे फ्लैट और 1-2-3 बीएचके वाले घरों में रहना आम बात है। ऐसे घरों में जगह कम होती है, जिसकी वजह से कई बार सामान रखने, फर्नीचर व्यवस्थित करने और घर को सजाने की समस्या होती है।
लेकिन सही प्लानिंग और कुछ स्मार्ट होम डेकोर आइडियाज की मदद से छोटे घर को भी खुला, व्यवस्थित और खूबसूरत बनाया जा सकता है। इसके लिए कुछ छोटी-छोटी चीजों में बदलाव करके भी घर का लुक काफी हद तक बदला जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 10 आसान तरीके, जो छोटे घर या फ्लैट में रहने वालों के काम आ सकते हैं।
छोटे घर में बड़ा शीशा लगाना एक आसान डेकोर ट्रिक है। इसे खिड़की के सामने या ऐसी दीवार पर लगाएं जहां से प्राकृतिक रोशनी आती हो। शीशे में रोशनी और कमरे का कुछ हिस्सा रिफ्लेक्ट होने से कमरा बड़ा दिखता है। लिविंग रूम में फुल लेंथ मिरर या दीवार पर बड़ा डेकोरेटिव मिरर लगा सकती हैं।
जब घर में फर्श पर सामान रखने की जगह कम हो, तो दीवारों को स्टोरेज के लिए इस्तेमाल करें। दीवार पर फ्लोटिंग शेल्फ, वॉल-माउंटेड रैक या छोटे कैबिनेट लगाएं। इन पर किताबें, सजावटी सामान, छोटे पौधे और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें रख सकते हैं। इससे फर्श खाली रहेगा और घर व्यवस्थित दिखेगा।
छोटे घर में ऐसा फर्नीचर ज्यादा उपयोगी होता है, जिसका एक से ज्यादा काम हो सके। उदाहरण के लिए स्टोरेज वाला बेड, अंदर सामान रखने वाली ओटोमन सीट, फोल्डेबल डाइनिंग टेबल और सोफा-कम-बेड। इससे अलग-अलग जरूरतों के लिए कई फर्नीचर खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। खरीदने से पहले फर्नीचर का साइज और उसे खोलने-बंद करने के लिए जरूरी जगह जरूर नाप लें।
छोटे कमरे में सफेद, ऑफ-व्हाइट, क्रीम, हल्का बेज या पेस्टल जैसे रंग का इस्तेमाल सही होगा। ये रंग रोशनी को बेहतर तरीके से फैलाते हैं और कमरे को खुला महसूस कराने में मदद करते हैं। अगर पूरे कमरे को एक ही रंग में नहीं रखना चाहतीं, तो एक दीवार पर हल्का पेस्टल शेड या छोटा वॉल आर्ट लगा सकती हैं। बहुत ज्यादा गहरे रंगों और बड़े-बड़े पैटर्न के इस्तेमाल से बचें।
छोटे कमरे में पर्दों की लंबाई और लगाने का तरीका भी काफी फर्क डालता है। पर्दों की रॉड खिड़की के फ्रेम से थोड़ी ऊपर लगाएं और पर्दे फर्श तक रखें। इससे दीवार और खिड़की ज्यादा ऊंची नजर आती हैं। हल्के रंग और कम मोटाई वाले पर्दे चुनें, ताकि प्राकृतिक रोशनी कमरे में आती रहे। दिन में पर्दे खुले रखें और जरूरत के अनुसार शाम को बंद करें।
अगर घर में अलग से वर्कस्पेस या डाइनिंग एरिया बनाने की जगह नहीं है, तो फोल्डेबल फर्नीचर काम आ सकता है। दीवार से जुड़ी फोल्डिंग टेबल को काम के समय खोलें और इस्तेमाल के बाद बंद कर दें। फोल्डेबल कुर्सियां भी जरूरत पड़ने पर बाहर निकाली जा सकती हैं। बालकनी में छोटी फोल्डिंग टेबल लगाकर उसे कॉफी या रीडिंग कॉर्नर में भी बदला जा सकता है।
छोटे घरों में कोने अक्सर खाली पड़े रहते हैं या वहां बेकार सामान जमा हो जाता है। इन जगहों पर कॉर्नर शेल्फ, पतला रैक या छोटा प्लांट स्टैंड रख सकती हैं। लिविंग रूम के किसी खाली कोने में फ्लोर लैंप लगाकर उसे रीडिंग कॉर्नर बनाया जा सकता है। हालांकि, रास्ते में फर्नीचर या सामान न रखें, ताकि आने-जाने में परेशानी न हो।
सिर्फ एक तेज ट्यूबलाइट या सीलिंग लाइट लगाने के बजाय कमरे में अलग-अलग जगहों पर रोशनी की व्यवस्था रखें। सीलिंग लाइट के साथ कॉर्नर फ्लोर लैंप, टेबल लैंप या वॉल लाइट लगा सकती हैं। किचन के वर्कटॉप और स्टडी टेबल पर भी जरूरत के हिसाब से टास्क लाइट रखें।
बेड और सोफे के नीचे अक्सर काफी जगह खाली रहती है। वहां पहियों वाले स्टोरेज बॉक्स या फ्लैट कंटेनर रख सकती हैं। इनमें एक्स्ट्रा बेडशीट, कंबल, मौसमी कपड़े या कम इस्तेमाल होने वाला सामान रखा जा सकता है। बॉक्स पर लेबल लगा दें, ताकि जरूरत के समय सामान ढूंढने में परेशानी न हो।
छोटे घर को खूबसूरत बनाने के लिए हर खाली जगह पर शोपीस रखना जरूरी नहीं है। एक बड़ा वॉल आर्ट, कुछ छोटे इनडोर प्लांट, खूबसूरत कुशन कवर या एक खूबसूरत टेबल लैंप भी कमरे का लुक बदल सकता है। कोशिश करें कि एक ही जगह पर बहुत सारी सजावटी चीजें इकट्ठी न हों।
अगर आप ज्यादा खर्च नहीं करना चाहतीं, तो सबसे पहले घर का अनावश्यक सामान हटाएं। पुराने कुशन कवर बदलें, दीवार पर एक अच्छा फ्रेम लगाएं, छोटे पौधे रखें और स्टोरेज बॉक्स का इस्तेमाल करें। फर्नीचर खरीदने से पहले देखें कि घर में पहले से मौजूद किसी चीज को दूसरे तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। छोटे बदलाव भी घर को ज्यादा साफ, खुला और आकर्षक बना सकते हैं।