ओरल कैंसर को लेकर स्टडी में हुआ खुलासा, मुंह की सफाई बीमारी का खतरा करती हैं कम

Oral Cancer- ओरल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए हमारी मुंह की सफाई बहुत जरूरी होती है। इस बात का खुलासा हाल ही में स्टडी के दौरान हुआ है। ओरल कैंसर के खतरे से बचने के लिए मुंह की सफाई जरूरी है।
ओरल कैंसर से मुंह की सफाई की आदत दिलाती है फायदा
ओरल कैंसर (सौ.सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Oral Cancer Study: कैंसर की बीमारी व्यक्ति के हर हिस्से को प्रभावित करती जा रही है। ओरल कैंसर या मुंह का कैंसर भी कैंसर के प्रकारों में से एक है। इस ओरल कैंसर के पनपने के कई कारण है तो वहीं पर निदान भी हमारे पास ही मौजूद होता है। ओरल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए हमारी मुंह की सफाई बहुत जरूरी होती है। इस बात का खुलासा हाल ही में स्टडी के दौरान हुआ है कि अगर मुंह की सफाई आप नियमित रूप से करते है ओरल कैंसर का खतरा ज्यादा नहीं पनपता है।

जानिए क्या कहते है हेल्थ एक्सपर्ट

यहां पर ओरल कैंसर के निदान को लेकर डॉ अमित चक्रवर्ती बताते हैं कि, मुंह में जमी गंदगी और बैक्टीरिया न केवल दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि ये लंबे समय तक मौजूद रहें तो यह क्रॉनिक इन्फ्लेमेशन और सेल डैमेज का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा इस मुंह की सफाई को लेकर कई स्टडी में साबित हो चुका है। जिन लोगों की oral hygiene खराब होती है, इसलिए उन्हें ओरल कैंसर की बीमारी हो जाती है। खासतौर पर जब ये गंदगी तंबाकू, गुटखा या शराब के सेवन से जुड़ जाए, तो खतरा और बढ़ जाता है। इस ओरल कैंसर के खतरे से बचने के लिए मुंह की सफाई अच्छी तरह से करें।

मुंह की सफाई करने का सही तरीका

दिन में दो बार ब्रश करें: मुंह के कैंसर से बचने के लिए सुबह और रात दोनों समय ब्रश करना ज़रूरी है माउथवॉश का प्रयोग करें: दिन में एक-दो बार माउथवॉश का इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया को मारने में मदद मिलती है। टंग क्लीनर का इस्तेमाल करें: दांतों के अलावा जीभ की सफाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। डेंटल चेकअप कराते रहें: हर 6 महीने में डेंटिस्ट से सलाह ज़रूर लें। स्मोकिंग और तंबाकू से दूरी बनाएं: ये सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर हैं।

ये भी पढ़ें- 

ये लक्षण नजर आए तो हो जाएं सतर्क

यहां पर मुंह में कैंसर कब शुरु हुआ इसकी जानकारी समझ नहीं आती है। मुंह का कैंसर अक्सर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में इसके लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, जैसे छाले, घाव जो नहीं भरते, निगलने में परेशानी, या आवाज में बदलाव। अगर समय रहते इन पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। इस डेली रूटीन का हिस्सा ना समझकर एक निवेश की तरह सोचे इसका लाभ आपको सकारात्मक ही मिलने वाला है।यह आदत न केवल आपकी सांसों को ताज़ा और दांतों को मजबूत बनाएगी, बल्कि आपको उन बीमारियों से भी बचा सकती है, जिनका इलाज बहुत जटिल और दर्दनाक होता है.

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com