नेशनल डेंटिस्ट डे: दिल की बीमारी और डायबिटीज से दांतों का सीधा संबंध, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स

National Dentist Day 2026: दांतों की गंदगी सिर्फ कैविटी ही नहीं, बल्कि हार्ट अटैक और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। नेशनल डेंटिस्ट डे पर विशेषज्ञों से जानें बचाव के आसान तरीके।
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Dental Health And Heart Disease: भारत जैसे विशाल देश में हृदय रोग के साथ साथ मधुमेह पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। क्या आप जानते हैं कि मसूड़ों और दांतों की बीमारी का सीधा संबंध दिल की बीमारी और डायबिटीज से हो सकता है। इसलिए दांतों और मसूड़ों को स्वच्छ व स्वस्थ्य रख कर आप शरीर की गंभीर बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।

स्वस्थ्य मुस्कान, स्वस्थ्य जीवन

दंत स्वास्थ्य के महत्व पर जागरूकता एवं दंत चिकित्सकों के योगदान को लेकर हर साल 6 मार्च को राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। 'डेंटिस्ट डे' के महत्व पर जाने माने ऑर्थोडॉन्टिक्स एवं लीलावती हॉस्पिटल के कंसल्टेंट डॉ. धीरज अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ्य व सुंदर जीवन के लिए दांतों एवं मसूड़ों का स्वस्थ्य रहना बेहद जरूरी है।

डॉ. अग्रवाल के अनुसार, बच्चों में दंत स्वास्थ्य की नींव बचपन से ही रखी जानी चाहिए। पहला दंत परीक्षण एक वर्ष की आयु तक अवश्य कराना चाहिए। फ्लोराइड ट्रीटमेंट और डेंटल सीलेंट बच्चों के दांतों को कीड़े से बचाने में बेहद प्रभावी हैं। लगभग 7 वर्ष की आयु में ऑर्थोडॉन्टिक जांच कराने से जबड़े और दांतों की बढ़त से जुड़ी समस्याओं का समय रहते समाधान संभव है।

राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस पर डॉ. धीरज अग्रवाल ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि “जीवन में स्वस्थ मुस्कान की शुरुआत समय पर दंत समस्या रोकथाम से होती है।” उनका मानना है कि दांतों की अधिकतर समस्याएं, जैसे कैविटी, मसूड़ों की सूजन, बदबू और दांतों का टेढ़ापन, शुरुआती जांच और सही देखभाल से पूरी तरह रोकी जा सकती हैं।

प्रारंभिक रोकथाम जरूरी

डॉ. सुधीर अग्रवाल ने कहा कि पहले जागरूकता के अभाव में दांतों मसूड़ों की देखभाल पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था। अब प्रारंभिक रोकथाम और आधुनिक दंत तकनीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्कूलों में भी बच्चों को दांतों की देखभाल के लिए जागरूक किया जा रहा है।

डॉ.अग्रवाल बताते हैं कि मसूड़ों की बीमारी का संबंध मधुमेह और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं से भी हो सकता है, इसलिए पर उपचार अत्यंत जरूरी है। वयस्कों के लिए भी हर छह महीने में नियमित दंत जांच और प्रोफेशनल क्लीनिंग आवश्यक है। इससे प्लाक और टार्टर हटाकर मसूड़ों की बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

नई तकनीक से हो रहा फायदा

दांतों के आंतरिक Pulp, तंत्रिकाओं और जड़ों का आधुनिक दंत चिकित्सा तकनीकी से इलाज करने वाली एंडोडोंटिक्स डॉ. सलोनी अग्रवाल ने कहा कि लेजर डेंटिस्ट्री, आधुनिक रूट कैनाल तकनीक और डेंटल इम्प्लांट जैसी उन्नत प्रक्रियाएं आज उपचार को लगभग दर्द रहित और दीर्घकालिक बना रही हैं। डिजिटल स्माइल डिजाइन की मदद से मरीज उपचार से पहले ही अपनी नई मुस्कान की झलक देख सकते हैं। राष्ट्रीय दंत चिकित्सक दिवस पर डॉ. धीरज अग्रवाल सभी से अपील करते हैं कि नियमित जांच, सही ब्रशिंग तकनीक, फ्लॉसिंग और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। स्वस्थ मुस्कान न केवल आत्मविश्वास बढ़ाती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का प्रतीक भी है।

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