World Autism Awareness Day 2025: क्या ऑटिस्टिक बच्चे करते है गुस्सैल व्यवहार, तो काबू में लाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

ऑटिज्म की बीमारी से पीड़ित छोटे बच्चों में गुस्सा सबसे ज्यादा देखने के लिए मिलता है। यहां पर जरूरत होती है कि, गुस्से के ट्रिगर्स को पहचानें और उन्हें सुरक्षित तरीके से गुस्से को मैनेज करने के टिप्स जानिए।
ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे की सेहत का ऐसे रखें ख्याल
ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे की सेहत का ऐसे रखें ख्याल (सौ. सोशल मीडिया)
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World Autism Awareness Day 2025: दुनियाभर में कई बीमारियों का जाल फैला हुआ है इनकी चपेट में हर एक व्यक्ति है। आज दुनियाभर में सबसे खास बीमारी में से एक ऑटिज्म बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है। ऑटिज्म की बीमारी अक्सर छोटे बच्चों में नजर आती है इसके प्रति जागरूकता का रहना जरूरी है अक्सर देखा जाता है कि, ऑटिज्म की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को गुस्सा काफी आता है छोटे बच्चों में गुस्सा सबसे ज्यादा देखने के लिए मिलता है। यहां पर जरूरत होती है कि, गुस्से के ट्रिगर्स को पहचानें और उन्हें सुरक्षित तरीके से गुस्से को मैनेज करने के बारे में सिखाएं।

जानिए कब से मनाया जाने लगा विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस

यहां पर ऑटिज्म बीमारी के प्रति जागरूकता दर्शाने के लिए हर साल 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है। इसके इतिहास की बात की जाए तो, साल 2008 में कन्वेन्शन ऑन द राइट्स ऑफ पर्सर्नस विद डिसएबिलिटीज लागू किया गया जिसमें सभी के साथ अक्षम लोगों को  मानव अधिकार और की रक्षा और प्रोत्साहन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया. इसमें ऑटिज्म से पीड़ित सभी वयस्क और बच्चों की सही देखरेख सुनिश्चित करना भी शामिल है जिससे वे पूरी और उद्देश्यपूर्ण जीवन जी सके।

जानिए क्या होती है ये बीमारी

यहां पर सबसे गंभीर बीमारी में से एक ऑटिज्म की बात की जाए तो, ऑटिज्म स्प्रेक्ट्रम डिसऑर्डर एक न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम है। इसकी पहचान अक्सर 2 से 3 साल के बच्चे में नजर आता है यानि यही उम्र में यह मानसिक बीमारी पनपती है। ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों को सामाजिक मेलजोल में कमी, बोलने, लिखने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

जानिए क्या होती है ऑटिस्टिक बच्चे में गुस्से के कारण

यहां पर ऑटिस्टिक बच्चे में गुस्से के कई कारण होते है चलिए जानते है इसके बारे में...

  • बच्चा जब अपनी बातों और इमोशन्स को दूसरों तक नहीं पहुंचा पाता, तो इससे उसे गुस्सा आ सकता है।
  • ऑटिस्टिक बच्चे एक सेट रूटीन पर चलते हैं, तो उसमें किसी तरह का बदलाव उन्हें गुस्सा दिला सकता है।
  • कई बार बच्चे ऑटिज्म के साथ-साथ ADHD का भी शिकार होते हैं। जिसमें बच्चे हाइपर एक्टिव रहते हैं, तो उनकी एक्टिविटीज़ में किसी तरह की रोक-टोक उनके गुस्से की वजह बन सकती है।
  • जब बच्चे थकान या कमजोरी फील करते हैं, तो भी उन्हें गुस्सा आता है।

इन तरीकों से आप गुस्सैल बच्चों को करें हैंडल

यहां पर ऑटिज्म बीमारी से पीड़ित बच्चे के गुस्सैल स्वभाव को काबू में लाने के लिए आपको कई बातों का ध्यान रखना चाहिए जो इस प्रकार है...

1- बच्चें को काबू में लाने के लिए आप गुस्सा दिखा नहीं सकते है। इसके लिए आप बच्चों को समझाने और सिखाने के लिए हमेशा सरल और क्रिएटिव तरीकों का इस्तेमाल करें। इससे आप उन्हें बड़ी से बड़ी बात आसानी से समझा सकते हैं। ऑटिस्टिक बच्चों के केस में तो ये और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। कोई सा माइंड गेम खेंले।

2- यहां पर बच्चे के गुस्से को काबू में लाने के लिए आपका कारणों की पहचान कर लेनी चाहिए। किन चीज़ों से गुस्सा आता है, इसे पहचानने की कोशिश करें, तभी आप उन्हें शांत करने के उपाय भी तलाश कर पाएंगे। तेज आवाज, डांट, जोर-जबरदस्ती, रूटीन में बदलाव इन सभी पर नजर रखें।

3- गुस्सा इंसानों पर निकालने से बचें। आप घर में सॉफ्ट पंचिंग बैग या कोई खिलौना रख सकते हैं। गुस्सा निकालने के लिए इन चीज़ों का कैसे इस्तेमाल करना है, वो भी उसे बताएं।

4-ऑटिस्टिक बच्चों का गुस्सा शांत करने के लिए आपने जो भी तरीका अपनाया है अगर बच्चा उसे फॉलो कर रहा है, तो उसकी इस अचीवमेंट पर उसे शाबाशी जरूर दें।

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