भारत ने रचा इतिहास : 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' के दम पर जीते 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

India के स्वास्थ्य अभियान 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' ने तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड जीते। 1.78 करोड़ उच्च रक्तचाप और 9.94 लाख स्तन कैंसर स्क्रीनिंग पंजीकरण के साथ, यह अभियान महिला सशक्तिकरण की मिसाल है।
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'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' ने जीते 3 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, फोटो- सोशल मीडिया
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Swasth Nari Sashakt Parivar: भारत ने देशव्यापी “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के तहत तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड खिताब हासिल करके निवारक और महिला-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैश्विक मील का पत्थर स्थापित किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा की।

देश के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस उपलब्धि को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार और विकसित भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। यह अभियान महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बीमारियों की प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करने पर केंद्रित था।

तीन ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को यह रिकॉर्ड देशव्यापी स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक सहभागिता के असाधारण प्रदर्शन के लिए प्राप्त हुए हैं। ये तीन रिकॉर्ड इस प्रकार हैं:--

1. एक माह में स्वास्थ्य प्लेटफ़ॉर्म पर सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण: इस अभियान के दौरान एक महीने में 3 करोड़ 21 लाख 49 हज़ार 711 (3.21 करोड़ से अधिक) लोगों ने स्वास्थ्य देखभाल प्लेटफ़ॉर्म के लिए पंजीकरण कराया।

2. एक सप्ताह में ऑनलाइन स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण: एक सप्ताह की अवधि में, 9 लाख 94 हज़ार 349 (9.94 लाख से अधिक) लोगों ने ऑनलाइन स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए साइन-अप किया।

3. एक सप्ताह में राज्य स्तर पर ऑनलाइन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों (Vital Signs) की स्क्रीनिंग के लिए सबसे अधिक लोगों का पंजीकरण: राज्य स्तर पर एक सप्ताह में 1 लाख 25 हज़ार 406 (1.25 लाख से अधिक) लोगों ने ऑनलाइन महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों की स्क्रीनिंग के लिए पंजीकरण कराया।

अभियान की प्रेरणा और भागीदारी

इस राष्ट्रव्यापी अभियान “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक 'पोषण माह' के साथ किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल के दर्शन को स्पष्ट करते हुए कहा था कि हमारी माताएँ, बहनें और हमारी महिला शक्ति हमारे राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला हैं। यदि माँ स्वस्थ है, तो पूरा परिवार स्वस्थ रहता है। इस पहल को Whole-of-Government दृष्टिकोण के साथ क्रियान्वित किया गया, जिसमें 20 से अधिक मंत्रालयों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसमें केंद्रीय सरकारी संस्थानों, चिकित्सा महाविद्यालयों और निजी संगठनों को शामिल किया गया। इस अभियान ने Whole-of-Society दृष्टिकोण का पालन करते हुए अभूतपूर्व सामुदायिक सहभागिता भी देखी।

  1. 5 लाख से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  2. 1.14 करोड़ से अधिक स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
  3. 94 लाख स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों ने भागीदारी की।

स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक प्रसार

यह अभियान देश के सभी जिले तक पहुंचा और इसमें 19.7 लाख से अधिक स्वास्थ्य कैंप्स का आयोजन किया गया। सभी स्वास्थ्य देखभाल प्लेटफार्मों पर कुल 11 करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी दर्ज की गई। इस अभियान के माध्यम से कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परिणाम सामने आए हैं-

  1.  1.78 करोड़ से अधिक उच्च रक्तचाप (Hypertension) की जांच की गई।
  2. 1.73 करोड़ मधुमेह (Diabetes) की जांच की गई।
  3. 69.5 लाख मुख कैंसर की जांच की गई।
  4. 62.6 लाख गर्भावस्था पूर्व (Antenatal Care) जांचें की गईं।
  5. 1.51 करोड़ एनीमिया परीक्षण किए गए।
  6. 2.14 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने परामर्श और कल्याण सत्रों (counselling and wellness sessions) में भाग लिया।
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