खत्म हुआ 4 दिनों का छठ महापर्व, इस विधि के साथ करें 36 घंटे के कठोर निर्जला उपवास का पारण

Chhath Vrat Paran: छठ पूजा में 36 घंटे के कठोर निर्जला उपवास का पारण चार दिनों के छठ पर्व के अंतिम दिन किया जाता है। यहां पर आज हम आपको व्रत के पारण और विधि के बारे में जानकारी दे रहे है।
छठ व्रत पारण विधि
छठ व्रत पारण विधि (सौ.सोशल मीडिया)
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Chhath Vrat Udyapan: देशभर में छठ पर्व की धूम मची हुई है जहां पर श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाने वाला यह व्रत आज समाप्त हो गया है। छठ पूजा में व्रती महिलाएं और पुरुष सूर्य देव और छठी मैय्या की पूजा-अर्चना करते हैं। यहां पर छठ पूजा के अंतिम दिन उषा अर्घ्य देने के बाद व्रत का समापन किया जाता है। यहां पर छठ पूजा में 36 घंटे के कठोर निर्जला उपवास का पारण चार दिनों के छठ पर्व के अंतिम दिन किया जाता है। यहां पर आज हम आपको व्रत के पारण और विधि के बारे में जानकारी दे रहे है।

जानिए व्रत पारण का समय

28 अक्टूबर को सूर्योदय – उषा अर्घ्य का समय सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर (दिल्ली टाइम के मुताबिक) छठ व्रत पारण का समय – सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद कभी भी कर सकते है।

जानिए छठ व्रत उद्यापन सामग्री

यहां पर छठ व्रत उद्यापन की सामग्री की जानकारी दी गई है। व्रत के उद्यापन में बांस की दो टोकरियां, फल (केला, डाभ नींबू, शरीफा), ठेकुआ, कसार (चावल के लड्डू), गन्ने, शकरकंद, सुथनी, पान, सुपारी, हल्दी, सिंदूर, रोली, धूप, दीपक और घी जैसी सामग्रियों को शामिल किया जाता है। सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए लोटा, दूध और जल भी चाहिए होता है।

छठ व्रत पारण विधि

आप यहां पर छठ व्रत के पारण की विधि के बारे में जान सकते है जो आसान है..

  • सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और घाट पर समय से पहुंच जाएं।
  • अगर घाट पर न जा पाएं तो घर पर ही मिट्टी या ईंट से जल कुंड बनाएं।
  • फिर नंगे पैर उस जल में खड़े होकर सूर्योदय के समय उगते सूर्य को अर्घ्य दें।
  • उगते सूर्य को अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्रों का जाप करना चाहिए।
  • पूजा के दौरान चढ़ाए गए प्रसाद से ही अपने व्रत का पारण करें।
  • फिर छठी माता को चढ़ाए गए प्रसाद जैसे ठेकुआ आदि को खुद भा ग्रहण करें और लोगों में बांटें।
  • अपने सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों को भोजन कराएं या दान-दक्षिणा दें।
  • छठ व्रत का पारण करते समय मसालेदार भोजन न करें।
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