

First Aid for Injuries: रोजमर्रा की जिंदगी में कट लगना, जल जाना, अचानक गिरना या किसी की तबीयत बिगड़ जाना आम स्थिति है। ऐसे समय में डॉक्टर या अस्पताल तक पहुंचने से पहले दी जाने वाली शुरुआती मदद को प्राथमिक उपचार (First Aid) कहा जाता है। सही समय पर दिया गया उचित प्राथमिक उपचार न सिर्फ स्थिति को गंभीर होने से रोक सकता है, बल्कि कई मामलों में व्यक्ति की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाता है।
छोटे-मोटे कट या घाव होने पर सबसे पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं। इसके बाद घाव को साफ बहते पानी से धीरे-धीरे साफ करें। यदि खून निकल रहा हो, तो साफ कपड़े या गॉज पैड से हल्का दबाव बनाएं। खून लगातार निकलता रहे या घाव ज्यादा गहरा हो, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय मदद लें।
त्वचा जलने पर प्रभावित हिस्से को तुरंत ठंडे बहते पानी के नीचे करीब 15 से 20 मिनट तक रखें। जले हुए स्थान पर सीधे बर्फ, टूथपेस्ट, तेल, मक्खन या घी लगाने से बचें। गंभीर जलन होने पर बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
नाक से खून आने पर: व्यक्ति को बैठाकर सिर थोड़ा आगे की ओर झुकाएं और नाक के मुलायम हिस्से को कुछ मिनट तक दबाकर रखें। सिर पीछे की ओर झुकाना सही तरीका नहीं है, क्योंकि इससे खून गले में जा सकता है।
मोच या चोट लगने पर: प्रभावित हिस्से को आराम दें और कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई करें। चोट लगने के तुरंत बाद प्रभावित स्थान की मालिश करने से बचें। तेज दर्द या फ्रैक्चर की आशंका होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
बेहोश व्यक्ति को जबरदस्ती पानी, भोजन या दवा न दें।
घाव पर मिट्टी, राख या किसी अप्रमाणित घरेलू चीज का इस्तेमाल न करें।
शरीर में धंसी किसी नुकीली वस्तु को खुद निकालने की कोशिश न करें।
गंभीर चोट, ज्यादा खून बहने या गंभीर जलन की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।