

Bashir Badr Dementia Disease: देश के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का आज निधन हो गया। वह 91 साल के थे। अपनी खूबसूरत शायरी से लोगों का दिल जितने वाले बशीर बद्र लगभग 14 वर्षों से डिमेंशिया नाम की बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी के कारण वह अपने बेहद करीबी लोगों तक को पहचान नहीं पा रहे थे। इतना ही नहीं इस बीमारी के कारण वह अपने द्वारा लिखी गई शायरी तक भूल गए थे। इस बीमारी के कारण ही वह काफी समय से अकेले जीवन व्यतीत कर रहे थे।
क्या आप जानते है डिमेंशिया कितनी खतरनाक बीमारी है? आइए आगे के लेख में हम आपको बताते है कि यह बीमारी कितनी खतरनाक है। साथ ही इस बीमारी के लक्षण औऱ इलाज के बारें में भी बताएंगे।
डिमेंशिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि कई मानसिक समस्याओं का रूप है। इसमें इंसान की सोचने, समझने, याद रखने और फैसले लेने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। शुरुआत में मरीज छोटी-छोटी बातें भूलता है, लेकिन समय बीतने के साथ हालत इतनी बिगड़ सकती है कि वह अपने परिवार, दोस्तों और रोजमर्रा की चीजों को भी पहचानना बंद कर देता है। यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती है।
डिमेंशिया (Dementia) एक दिमागी और न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। यह याददाश्त और सोचने की क्षमता पर असर करती है जिससे रोजमर्रा के कार्यों को करने की क्षमता धीरे-धीरे समाप्त होती जाती है। इसे आम बोलचाल की भाषा में कहे तो यह एक 'भूलने की बीमारी' है, जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी पहचान, भाषा और पुराने अनुभव तक भूलने लगता है। या यूं कहें कि यह बीमारी धीरे-धीरे मरीज की दिमागी क्षमता को पूरी तरह से नष्ट कर देती है। इस बीमारी की शुरुआत बहुत धीरे-धीरे होती है। कई बार हम इसे सामान्य बुढ़ापे की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो आगे चलकर खतरनाक साबित होती है।
डिमेंशिया बीमारी होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- दिमाग की नसों में दिक्कत, सिर में चोट, पार्किंसन, स्ट्रोक, विटामिन B12 की कमी, थायराइड की समस्या और लंबे समय तक शराब या नशे का सेवन भी इसका कारण बन सकता है।
डिमेंशिया का सबसे आम प्रकार है-
डॉक्टरों के मुताबिक डिमेंशिया को पूरी तरह खत्म करने वाला फिलहाल कोई इलाज नही है। लेकिन सही देखभाल से इसकी रफ्तार को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। मरीज को समय पर दवाएं देना, मानसिक रूप से सक्रिय रखना, परिवार का साथ और शांत माहौल मरीज के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। कभी कभी यह बीमारी किसी दूसरी वजह से हुई हो, जैसे विटामिन की कमी या थायराइड की समस्या, तो इलाज से सुधार भी हो सकता है।