World Hearing Day 2026: कहीं आप भी तो नहीं हो रहे बहरापन का शिकार? घर की ये 5 चीजें डैमेज कर रही हैं आपके कान!

Causes Of Hearing Loss: आजकल सुनने से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और इसकी वजह सिर्फ तेज आवाज या बढ़ती उम्र ही नहीं बल्कि घर में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामान्य चीजें भी हो सकती हैं।
World Hearing Day 2026
कानों की जांच करता डॉक्टर (सौ. एआई)
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World Hearing Day 2026: बहरापन अब केवल बुढ़ापे की समस्या नहीं रह गई है। आधुनिक जीवनशैली में हमारे घर के भीतर ही ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जिनका शोर हमारे कानों की नाजुक कोशिकाओं को स्थाई रूप से डैमेज कर रहा है। 3 मार्च 2026 को विश्व श्रवण दिवस के मौके पर विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार दुनिया भर में लाखों लोग अनजाने में शोर प्रदूषण का शिकार हो रहे हैं। अक्सर हम डीजे या निर्माण कार्य के शोर को ही खतरनाक मानते हैं लेकिन असली खतरा हमारे घर की चारदीवारी के भीतर छिपा है। वर्ल्ड हियरिंग डे 2026 की थीम जीवन भर सुनने के लिए ध्यान से सुनें हमें सचेत करती है।

किचन मिक्सर और ग्राइंडर

एक औसत मिक्सर ग्राइंडर 80 से 90 डेसिबल (dB) तक का शोर पैदा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि 85 dB से ऊपर का शोर लंबे समय तक सुनने पर कानों की नसों को नुकसान पहुँचा सकता है।

हेयर ड्रायर और वैक्यूम क्लीनर

इन उपकरणों का इस्तेमाल हम चेहरे और सिर के बहुत करीब करते हैं। इनका तेज और तीखा शोर 'सेंसोरिनुरल हियरिंग लॉस' का कारण बन सकता है।

ईयरफ़ोन का गलत इस्तेमाल

लगातार तेज आवाज में संगीत सुनना आज की पीढ़ी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। 60/60 का नियम अपनाएं। यानी 60% से कम वॉल्यूम और दिन में 60 मिनट से कम इस्तेमाल।

तेज आवाज़ में टेलीविजन

अक्सर लोग घर में टीवी की आवाज इतनी तेज रखते हैं कि वह दूसरे कमरों तक सुनाई दे। यह बैकग्राउंड नॉइज कानों को लगातार तनाव में रखता है।

खिलौने और गेमिंग गैजेट्स

बच्चों के कुछ इलेक्ट्रॉनिक खिलौने कानों के बहुत पास रखे जाने पर 100 dB से अधिक शोर करते हैं जो बच्चों की सुनने की क्षमता को उम्र से पहले कम कर सकता है।

डॉक्टरों की सलाह है कि घर में शोर कम करने वाले उपकरणों का चुनाव करें और समय-समय पर हियरिंग चेकअप कराते रहें। याद रखें कानों की कोशिकाएं एक बार नष्ट हो जाएं तो उन्हें दोबारा ठीक करना लगभग असंभव होता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दिए गए सुझाव केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें। नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

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