शादी के कार्ड पर ना हों गणेशजी की प्रतिमा (Social Media)
सीमा कुमारी
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: सनातन धर्म (Hindu Religion) में यूं तो सभी संस्कार महत्वपूर्ण माने जाते हैं लेकिन विवाह संस्कार (Wedding) सभी संस्कारों में अधिक विशेष इसलिए है क्योंकि इस संस्कार के बाद व्यक्ति के नए जीवन की शुरुआत होती है और विवाह रूपी जिम्मेदारियों का व्यक्ति निर्वहन करता है।
ऐसे में भारतीय शादी में लोगों को बुलाने के लिए खूबसूरत इनविटेशन कार्ड (Invitation Card) सभी के घर भिजवाए जाते हैं। फैशन के इस दौर में शादी के कार्ड का भी फैशन बदलता जा रहा है। लोग अब किसी भी रंग और डिजाइन का कार्ड बनवा लेते है। हालांकि, बहुत से लोगों को पता नहीं होता है कि शादी के कार्ड का शुभ रंग क्या है और सबसे पहला कार्ड किसे दिया जाता है। ऐसे में आइए जानें ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित से इस बारे में
कार्ड को लेकर कही बात
1- ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित का कहना है कि, शादी का कार्ड हमेशा लाल या पीले रंग का होना चाहिए। काला, नीला या भूरे रंग का कार्ड कभी न बनवाएं क्योंकि ये रंग नकारात्मकता के प्रतीक हैं। इसके अलावा, शादी का कार्ड हमेशा चौकोर होना चाहिए, क्योंकि कार्ड के चार कोने सुख, समृद्धि, खुशहाली, सौभाग्य के प्रतीक होते हैं। हालांकि कुछ लोग फैशन में कार्ड को तिकोना या पत्ते के आकार का बनवा लेते हैं जो कि वास्तुशास्त्र के अनुसार गलत है।
2- वास्तु शास्त्र के अनुसार, शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की फोटो भूल से भी नहीं लगानी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि दूल्हा-दुल्हन के चित्र बनाने या दूल्हा-दुल्हन के प्रतीक रूप बनाने से नजर दोष का खतरा मंडराता है। जोड़ी को नजर लग सकती है। ऐसे में शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन की फोटो भूल से भी नहीं लगानी चाहिए।
3-कार्ड की छपाई हमेशा हल्के रंग की होनी चाहिए। शादी के कार्ड पर दूल्हा-दुल्हन या अन्य परिजनों का नाम भी किसी डार्क रंग से नहीं लिखा होना चाहिए। शादी का सबसे पहला कार्ड भगवान श्री गणेश को अर्पित किया जाना चाहिए, जिससे उस मांगलिक कार्य में जो भी बाधा हों उन्हें वो दूर करें।
4-ज्योतिषाचार्य डॉ. गौरव कुमार दीक्षित की मानें तो, कार्ड पर नृत्य की मुद्रा में गणेश जी की तस्वीरें लगाने से बचें। नृत्य करते हुए देवताओं की छवियां विक्षोभ के कंपन को आकर्षित करती हैं। कृष्ण और राधा की तस्वीरों को भी कार्ड पर छापने से भी बचना चाहिए क्योंकि वे अलगाव और दर्द को दर्शाते हैं।