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महाशिवरात्रि’ के दिन भगवान शिव की पूजा में ये गलतियां भूल कर भी न करें, निष्फल रह जाएगी पूजा

  • Written By: नवभारत डेस्क
Updated On: May 28, 2024 | 12:12 PM
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सीमा कुमारी

नई दिल्ली: देवों के देव महादेव को समर्पित ‘महाशिवरात्रि’ (Mahashivratri) का महापर्व इस साल 18 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। यूं तो शिवजी यानी महादेव बड़े भोले हैं अगर श्रद्धा से आप एक बार ऊं नम: शिवाय ही जप लें तो वह प्रसन्न हो जाते हैं। ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, महाशिवरात्रि पर शिवजी और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। ऐसे में इस दिन भक्तजन एक स्वस्थ वैवाहिक जीवन की भी कामना करते हैं। कुछ लोगों अक्सर ये सोचते हैं कि पूरी विधि-विधान से पूजा करने के बाद भी पूरा फल क्यों नहीं मिलता ? आपको बता दें कि अकसर लोग पूजा के दौरान ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। खासतौर पर तब, जब वे शिवलिंग की पूजा करते हैं। ऐसे में आइए जानें महाशिवरात्रि के दिन कौन से कार्यों को करने से बचना चाहिए।

शिवपुराण के अनुसार, घर में कोई हवन करवाना हो या पूजा, नारियल का इस्तेमाल हर जगह किया जाता है। लेकिन, यदि आप शिवलिंग पर नारियल का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ऐसा करना गलत है, जी हां, नारियल देवी को लक्ष्मी का प्रतीक मानते हैं और लक्ष्मी का संबंध भगवान विष्णु से हैं। शिवलिंग पर भूलकर भी नारियल का जल या नारियल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

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शिवलिंग पर कभी भी तुलसी नहीं चढ़ाएं। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने से पहले यह ध्यान रखें कि पाश्चुरीकृत या पैकेट का दूध इस्तेमाल न करें और शिवलिंग पर ठंडा दूध ही चढ़ाएं। अभिषेक हमेशा ऐसे पात्र से करना चाहिए जो सोना, चांदी या कांसे का बना हो। अभिषेक के लिए कभी भी स्टील, प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग ना करें।

भगवान शिव को भूलकर भी केतकी और चंपा फूल नहीं चढ़ाएं। ऐसा कहा जाता है कि इन फूलों को भगवान शिव ने शापित किया था। केतकी का फूल सफेद होने के बावजूद भोलेनाथ की पूजा में नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव को दूध, गुलाब जल, चंदन, दही, शहद, घी, चीनी और जल का प्रयोग करते हुए तिलक लगाएं। भगवान भोलेनाथ को वैसे तो कई फल अर्पित किए जा सकते हैं, लेकिन शिवरात्रि पर बेर जरूर अर्पित करें। क्योंकि, बेर को चिरकाल का प्रतीक माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति पर केवल सफेद रंग के ही फूल ही चढ़ाने चाहिए। क्योंकि, भोलेनाथ को सफेद रंग के ही फूल प्रिय हैं। शिवरात्रि पर भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए चंदन का टीका लगा सकते हैं। शिवलिंग पर कभी भी कुमकुम का तिलक न लगाएं। हालांकि भक्तजन मां पार्वती और भगवान भगवान गणेश की मूर्ति पर कुमकुम का टीका लगा सकते हैं।  

बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि भगवान शिव को चढ़ाई जाने वाली चीजों को खाना नहीं चाहिए। कहते हैं कि ये शुभ नहीं होता। मान्यता है कि चढ़ाई गई सामग्री का सेवन करना अशुभ माना जाता है। अक्सर लोग इस गलती को हर बार दोहराते हैं।  

Do not commit these mistakes in the worship of lord shiva on the day of mahashivratri the worship will remain fruitless

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Published On: Feb 16, 2023 | 06:30 AM

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