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सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम: चार दिवसीय ‘छठ’ महापर्व (Chhath Puja) की शुरुआत इस वर्ष 17 नवंबर से हो रही है और 20 नवंबर को इसका समापन होगा। छठ सूर्य देव की पूजा के लिए समर्पित है। इसलिए में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय जानना बहुत जरूरी होता है।
आस्था के इस महापर्व छठ की तैयारियां लोग महीनों पहले से शुरू कर देते हैं और यह पर्व पूरे 4 दिनों तक चलता है, जिसे हिंदू मान्यताओं के अनुसार धूमधाम से मनाया जाता है। छठ पर्व (Chhath Puja) को शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, जिसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी है। घर-घर छठी मैय्या और सूर्य देवता के गीत भी गाए जा रहे है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में प्रकृति, जल, वायु और सूर्य देव की बहन षष्ठी माता को प्रसन्न करने के लिए सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की जाती है। सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परम्परा भी सदियों से चली आ रही है। आइए जानें छठ पूजा 2023 की मुख्य तिथियों और शुभ मुहूर्त के बारे में-
ज्योतिषियों के अनुसार, छठ महापर्व की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है। ये दिन बेहद खास होता है, शुक्रवार 17 नवम्बर 2023 को नहाय खाय से शुरुआत हो रही है । इस दिन सूर्योदय 6 बजकर 45 मिनट पर हुआ है और सूर्यास्त 5 बजकर 27 मिनट पर होगा, इस दिन व्रती सुबह नदी स्नान करते हैं और नए वस्त्र धारण करके प्रसाद ग्रहण करते हैं। इस दिन को ख़ास रूप से कद्दू, चना दाल, सब्जी, चावल इत्यादि बनाए जाते हैं और पूरा भोजन सेंधा नमक और घी से तैयार किया जाता है।
छठ पर्व का दूसरा दिन खरना होता है जो 18 नवंबर 2023 को शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:46 और सूर्यास्त तक 5:26 पर होगा। खरना के दिन एक ही समय शाम में मीठा भोजन बनाती है। व्रती इस दिन मुख्य रूप से चावल के खीर का प्रसाद भी तैयार करती हैं जिसे चूल्हे में मनाया जाता है।
छठ पूजा का महत्वपूर्ण और तीसरा दिन संध्या अर्घ्य को होता है। इस दिन घर-परिवार के सभी लोग घाट पर जाते हैं और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य अर्पित करते है। इस दिन रविवार 19 नवंबर 2023 को छठ पूजा का संध्या अर्घ्य दिया जाएगा, इस दिन सूर्यास्त सुबह 5:26 पर होगा। इस दिन सूपे में फल, ठेकुआ, चावल के लड्डू आदि प्रसाद को सजाकर कमर तक पानी में रहकर परिक्रमा करते हुए अर्घ्य दिया जाता है।
छठ पूजा का चौथा दिन ऊषा अर्घ्य है। सप्तमी तिथि को उगते हुए सूरज को अर्घ्य देने की परंपरा है। इस दिन सूर्योदय 6:47 पर होगा। इस साल ऊषा अर्घ्य 20 नवंबर 2023 को है। इसके बाद व्रती प्रसाद ग्रहण कर पारण करते है।