महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जाप (फोटो-सोशल मीडिया)
सीमा कुमारी
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: भगवान शिव को समर्पित ‘महाशिवरात्रि’ (Mahashivratri 2024) का महापर्व 8 मार्च, शुक्रवार को पूरे देशभर में मनाया जाएगा। इसकी धूम पूरे देश में हैं। लोग भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की तैयारियों में मगन है। वैसे तो, शिवरात्रि हर महीने मनाई जाती है।
फाल्गुन महीने की ‘महाशिवरात्रि’ (Mahashivratri 2024) का महत्व सबसे बड़ा है। ऐसा माना जाता है कि, इस दिन शिव की आराधना करने से सभी की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
ऐसा कहा जाता है कि, शिव जी मात्र बेलपत्र और एक लोटा जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके अलावा, अगर आप शिव जी की असीम कृपा पाने चाहते हैं तो महाशिवरात्रि के दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें। इन मंत्रों का जाप करने से भोलेनाथ प्रसन्न तो होते ही हैं साथ ही, अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी देते हैं। ऐसे में आइए जानें उन मंत्रों के बारे में-
1- ॐ नमः शिवाय
शिवजी का यह मंत्र बहुत चमत्कारी माना जाता है। महाशिवरात्रि के दिन इस मंत्र का जाप 108 बार करें। यह मंत्र व्यक्ति के शरीर और दिमाग को शांत करता है और महादेव भी उसपर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
2-ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
महाशिवरात्रि पर इस मंत्र का जाप अवश्य करें। यह शिव गायत्री मंत्र है, जिसे सर्वशक्तिशाली माना जाता है। इस मंत्र से व्यक्ति को सुख और शांति की प्राप्ति होती है।
3-ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
शिवजी के इस मंत्र को रुद्र मंत्र कहा जाता है। किसी मनोकामना के लिए महाशिवरात्रि पर इसका जाप अवश्य करें। यह मंत्र शिव जी तक आपकी सभी मनोकामनाएं पहुंचाता है।
4- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
यह महामृत्युंजय जाप है। इस मंत्र को सबसे ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। इसका अर्थ है- हम त्रिनेत्र को पूजते हैं, जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जैसे फल शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है वैसे ही हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।
अगर आपकी कोई ऐसी मनोकामना है, जिसे आप पूरी करना चाहते हैं, तो इस मंत्र का विधिवत रूप से जाप करें। इस बात का ध्यान रखें कि इस मंत्र को रुद्राक्ष (रुद्राक्ष माला जाप) की माला से 11 बार जाप करें।
ॐ ऊर्ध्व भू फट्
ॐ नमः शिवाय
ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्त्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा
ॐ इं क्षं मं औं अं
ॐ प्रौं ह्रीं ठः
ॐ नमो नीलकण्ठाय
ॐ पार्वतीपतये नमः
ॐ पशुपतये नम:
इन मंत्रों के साथ आप भगवान शिव की आराधना कर सकते है ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।