

Ayodhya Travel Tips: अयोध्या में राम लला के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद साल 2026 की राम नवमी बेहद खास होने वाली है। 26 मार्च को होने वाले इस उत्सव के लिए लाखों भक्तों के अयोध्या पहुँचने की उम्मीद है। यदि आप भी इस पावन अवसर पर प्रभु राम के दर्शन करना चाहते हैं तो भारी भीड़ और बढ़ती कीमतों के बीच अपनी यात्रा को सुखद बनाने के लिए इन जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में सूर्य तिलक और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है जिसे देखने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु जुटते हैं। लेकिन इस बार भीड़ का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती हो सकता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं फिर भी यात्रियों को खुद की प्लानिंग पर विशेष ध्यान देना होगा।
राम नवमी के दिन यानी 26 मार्च मंदिर में दर्शन की कतारें कई किलोमीटर लंबी हो सकती हैं। यदि आप शांति से दर्शन करना चाहते हैं तो राम नवमी से 2-3 दिन पहले या उत्सव के 2 दिन बाद की योजना बनाना बेहतर होगा। मुख्य उत्सव के दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मंदिर परिसर में सबसे अधिक भीड़ रहती है क्योंकि इसी समय मध्याह्न की विशेष आरती और सूर्य तिलक होता है।
प्रशासन ने इस बार ई-पास या क्यूआर कोड आधारित प्रवेश की व्यवस्था पर जोर दिया है। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कैमरा और चमड़े के सामान ले जाना वर्जित है। भारी भीड़ को देखते हुए बुजुर्गों और छोटे बच्चों को मुख्य उत्सव के दिन मंदिर ले जाने से बचें। राम जन्मभूमि पथ पर लंबी पैदल यात्रा के लिए आरामदायक जूते पहनना न भूलें।
अपनी यात्रा के दौरान केवल मुख्य मंदिर तक सीमित न रहें। आप हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर और सरयू तट की आरती का भी आनंद ले सकते हैं। शाम के समय सरयू घाट पर होने वाला लेजर शो भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।
राम नवमी पर अयोध्या की यात्रा आस्था का अनूठा अनुभव है लेकिन इसके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना जरूरी है। सही समय पर बुकिंग और धैर्य के साथ आप राम लला के दर्शन को सफल बना सकते हैं।