

मुबंई: भारत पाकिस्तान और के बीच सीजफायर और भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विपक्ष के कई नेता सरकार से संसद के विशेष सत्र की मांग कर चुके हैं। वहीं इस बीच विशेष सत्र की मांग को लेकर एनसीपी शरदचंद्र पवार के प्रमुख और दिग्गज नेता शरद पवार का बयान सामने आया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के हस्तक्षेप पर भी सवाल उठाए हैं।
शरद पवार ने संसद का विशेष सत्र बुलाने पर कहा कि मैं इसके कभी खिलाफ ही नहीं था। लेकिन यह सेंसिटिव इश्यू है। इसके बारे में सब कुछ बताना संभव नहीं है। ऐसे में आर्म्ड फोर्स के लोग बुलाकर विपक्ष को सब कुछ बताते हैं, लेकिन कुछ बात काफी कॉन्फिडेंशियल होती हैं इसलिए विशेष सत्र बुलाने के में खिलाफ नहीं लेकिन बेहतर यह होगा कि सभी को एक साथ बुलाकर बिठाया जाए और क्या हुआ है इसके बारे में जानकारी दी जाए।
अमेरिका के हस्तक्षे पर उठाए सवाल
डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप पर शरह पवार ने कहा कि शिमला करार में साफ बताया गया है कि कश्मीर के मुद्दे पर और इंडिया-पाकिस्तान के मुद्दे पर केवल दोनों देश ही आपस में बात कर सकते हैं और तीसरे का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। डोमेस्टिक मुद्दे पर कोई तीसरा नहीं आता, लेकिन ऐसा पहली बार है, जब हमारे आंतरिक मुद्दों पर किसी और ने बोला है। इसी सवाल का जवाब हम सभी चाहते हैं।