शनि शिंगणापुर के मंदिरों में मुस्लिमों की नो एंट्री? देवस्थान ने हटाए 114 कर्माचारी
शनि शिंगणापुर मंदिर विवाद के बाद देवस्थान ने बड़ा फैसला लिया है। शनि शिंगणापुर देवस्थान ने कुल 167 कर्मचारियों को निकाल दिया है। इन कर्मचारियों में 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय के थे।
- Written By: प्रिया जैस
शनि शिंगणापुर मंदिर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
शनि शिंगणापुर: शनि शिंगणापुर देवस्थान ने 167 कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया है। सभी कर्मचारी मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत थे। इनमें से 114 कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं। ट्रस्ट की ओर से स्पष्टीकरण दिया गया है कि उन्हें अनियमितता और अनुशासन का पालन न करने के कारण हटाया गया है। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने को लेकर हिंदू संगठनों की ओर से दबाव डाला जा रहा था।
शनि देव के चबूतरे पर मुस्लिमों द्वारा कार्य करने को लेकर पूरे हिंदू समाज की ओर से आंदोलन किया गया था। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री क्षेत्र शनि शिंगणापुर मंदिर में मुस्लिम कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ था। मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत 114 मुस्लिम कर्मचारियों के खिलाफ हिंदू संगठनों ने आक्रामक रुख अपनाया था। ट्रस्ट को चेतावनी दी गई थी कि यदि सभी मुस्लिम कर्मचारियों को तुरंत नहीं हटाया गया, तो 14 जून को पूरे हिंदू समाज की ओर से मंदिर के बाहर विशाल रैली निकाली जाएगी।
हिंदू संगठनों की आपत्ति
हिंदू संगठनों की ओर से यह सवाल उठाया गया कि मुस्लिमों को हिंदू मंदिर परिसर या संबंधित संस्थानों में काम करने की अनुमति क्यों दी गई है। उनका यह भी कहना था कि मुस्लिम लोग मांसाहारी होते हैं और मंदिर में प्रवेश करते हैं, जो अस्वीकार्य है। मई 2025 में मंदिर परिसर में मरम्मत और निर्माण कार्य के दौरान कई मुस्लिम कर्मचारी कार्यरत थे। बताया गया कि इनकी संख्या 114 से 300 के बीच थी।
सम्बंधित ख़बरें
अस्पतालों की सुध लेने अचानक पहुंचे अधिकारी; मुंबई के चेंबूर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर दिए कड़े आदेश
स्वतंत्रता दिवस तक नहीं सीख पाए मराठी तो सीधे लाइसेंस कैंसल, प्रताप सरनाइक ने दी ऑटो-टैक्सी चालकों को चेतावनी
Bhandara News: भंडारा में शिक्षकों के 700 रिक्त पद भरने की मांग, कलेक्ट्रेट पर जनआक्रोश मोर्चा
महाराष्ट्र में अब गैर-किसान नहीं खरीद पाएंगे खेत, चंद्रशेखर बावनकुले के इस निर्णय से भूमाफियाओं में हडकंप
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ और भाजपा आध्यात्मिक मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है और यह मंदिर की पवित्रता पर असर डालती है। 21 मई को मंदिर के मंच पर ग्रिल लगाने के कार्य में कई मुस्लिम मजदूर शामिल थे, जिससे विवाद और अधिक गहराया। भाजपा आध्यात्मिक मोर्चा के प्रमुख आचार्य तुषार भोसले ने 14 जून 2025 को हिंदू समाज की ओर से एक बड़ी रैली निकालने की घोषणा की थी, जिसमें इन कर्मचारियों को हटाने की मांग की जानी थी।
