निशानेबाज: मोदी भगवान विष्णु के 11 वें अवतार, राज पुरोहित को हुआ साक्षात्कार

Maharashtra News: महाराष्ट्र के बीजेपी नेता राज पुरोहित और पार्टी के प्रवक्ता अवधूत वाघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान विष्णु का 11 वां अवतार बताया है।
बीजेपी नेता ने पीएम मोदी को बताया अवतार
बीजेपी नेता ने पीएम मोदी को बताया अवतार (सौ.डिजाइन फोटो)
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नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, महाराष्ट्र के बीजेपी नेता राज पुरोहित और पार्टी के प्रवक्ता अवधूत वाघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान विष्णु का 11 वां अवतार बताया है।क्या यह सचमुच संभव है या वे अंधविश्वास फैला रहे हैं?’ हमने कहा, ‘यह सावन के पावन महीने के दौरान मन में उठनेवाली ईश्वरीय अनुभूति है।इसे आप इन दोनों नेताओं के दिव्य ज्ञान का साक्षात्कार मान लीजिए।जब श्रद्धा-भक्ति सर्वोच्च शिखर पर जा पहुंचती है तो महान योगियों को ईश्वर के दर्शन होते हैं।राज पुरोहित और अवधूत वाघ ने अपने ज्ञान को गुप्त नहीं रखा बल्कि वरिष्ठ सरकारी वकील उज्ज्वल निकम के राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर दादर में आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त भी कर दिया।इस मुद्दे पर निकम जैसे चतुर वकील ने भी कोई बहस नहीं की।’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, यह कोई नई बात नहीं है।7 वर्ष पूर्व 2018 में भी राज पुरोहित ने मोदी के भगवान विष्णु होने का राज राजस्थान के बीजेपी कार्यकर्ता सम्मेलन में बताया था।कण-कण में भगवान और कंकर में शंकर देखनेवाले लोग समस्त सृष्टि में ईश्वर की उपस्थिति को अनुभव करते हैं।राज पुरोहित को भी मोदी में शंख, चक्र, गदा, पद्मधारी वनमाला से सुशोभित विष्णु भगवान के दर्शन हो रहे हैं।ईश्वर सर्वव्यापी व सर्वशक्तिमान है।वह किसी भी रूप में कहीं भी प्रकट हो सकता है।राज पुरोहित ने भगवान विष्णु के मत्स्य, कच्छप, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण व बुद्ध व कल्कि के बाद 11 वां मोदी अवतार देखा है।अयोध्या के राम मंदिर के बाद अब राज पुरोहित चाहें तो मोदी मंदिर बनवा सकते हैं।भगवान राम के पास धनुष-बाण है और श्रीकृष्ण के हाथ में सुदर्शन चक्र! मोदी भी चाहें तो अपने हाथ में तमिलनाडु से लाया हुआ राजदंड ‘सेंगोल’ पकड़ सकते हैं।

भगवान राम अयोध्या से लंका गए थे।श्रीकृष्ण गोकुल से मथुरा और वहां से द्वारका गए थे लेकिन मोदी ने विश्व के तमाम देशों का दौरा कर वहां के राष्ट्राध्यक्षों व निवासियों को अपना दिव्यदर्शन दिया।जो लोग ईश्वरीय संदेश से अवगत होने के लिए गीता या रामायण का पाठ नहीं कर पाते, वे श्रद्धाभाव से आंख मूंद कर पीएम मोदी की ‘मन की बात’ सुन सकते हैं.’ हमने कहा, ‘सारी बातचीत का सार यही है कि सबकी अपनी-अपनी भावना है।शास्त्रों में भी राजा या शासक को ईश्वर के समान बताया गया है।इसके अलावा यह भी कहा जाता है- जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी! जब लोग पत्थर को सिंदूर लगाकर भगवान के रूप में पूजते हैं तो निष्ठावान पार्टीजनों को भी आपरेशन सिंदूर करवाने वाले मोदी में विष्णु अवतार देखने का पूरा अधिकार है।’

लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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