भगवान शिव की दिव्य शक्ति से ओतप्रोत होता है सावन, जानिए इस मास में छिपे 5 रहस्य
सावन का महीना पवित्र महीना होता है जो भगवान शिव की दिव्य शक्ति से जुड़ा हुआ होता है इसमें आध्यात्मिक अनुभव का अहसास होता है। सावन में शिवभक्ति के अलावा भी कई रहस्य छिपे है।
- Written By: दीपिका पाल
सावन सोमवार के रहस्य (सौ. सोशल मीडिया)
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे खास महीने के रूप में जाना जाता है। सावन के महीने में पूजा-पाठ और व्रत शिवभक्त सच्चे मन से करते है। कहा जाता है कि, सावन के महीने में भगवान शिव से आप सच्चे मन और भक्ति के साथ जो भी मांगते है शिवजी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करते है। सावन का महीना पवित्र महीना होता है जो भगवान शिव की दिव्य शक्ति से जुड़ा हुआ होता है इसमें आध्यात्मिक अनुभव का अहसास होता है। सावन में शिवभक्ति के अलावा भी कई रहस्य छिपे हैं जिसके बारे में आपको जानना चाहिए।
सावन महीने के इन रहस्यों को जानिए
सावन के महीने से जुड़े कई रहस्य है जिसके बारे में कम लोग ही जानते है चलिए जानते है स्पष्ट तरीके से…
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1- स्कंद पुराण में बताया गया है कि, मरकंडू ऋषि के पुत्र मारकण्डे ने लंबी उम्र के लिए श्रावण में ही घोर तप कर भगवान शिव की भक्ति से कृपा पाई थी। वे शिवजी के कृपापात्र होने के साथ ही सच्चे भक्त भी रहे इसलिए मृत्यु उन्हें छू नहीं पाई। वो अमर हो गए, यहां पर इसलिए अकाल मृत्यु, लंबी उम्र पाने और बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए सावन में शिव पूजा करने का सबसे विशेष महत्व होता है।
2- स्कंद पुराण के अनुसार, यह भी कहा गया है कि, एक बार भगवान शिव ने सनत्कुमार को सावन महीने के बारे में बताया था कि, मुझे श्रावण बहुत अधिक प्रिय है। इस महीने में पूजा-पाठ और व्रत-त्योहार का महत्व होता है। कहते हैं कि, इस महीने नियम-संयम से रहते हुए पूजा करने से शक्ति और पुण्य बढ़ते हैं।
3-सावन के महीने में कहा जाता है कि, शिव जी ने माता पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया था इसके साथ ही शिव पुराण के अनुसार सावन में भोलेनाथ हर साथ पृथ्वी पर अपने ससुराल आते हैं. उनका जलाभिषेक से स्वागत किया जाता है।
4-सावन का रहस्य यह भी है कि, महाभारत के अनुशासन पर्व में अंगिरा ऋषि ने कहा है कि जो इंसान मन और इन्द्रियों को काबू में रखकर एक वक्त खाना खाते हुए श्रावण मास बिताता है, उसे कई तीर्थो के स्नान का पुण्य फल मिलता है। इसके अलावा सावन के माह में रहन-सहन बदल जाता है संयमित रहने के लिए तामसिक आहार से भी बचना चाहिए।
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5-सावन के महीने में अगर कोई भी ब्रम्हचर्य का पालन करता है भगवान शिव की कृपा उस पर बनी रहती है मानसिक शांति के लिए भी इस महीने को खास माना जाता है। प्रकृति की ताजगी मन को खुश रखने में अहम भूमिका निभाती है।
