

Tulsi Puja Rituals:धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से तुलसी के पौधे का बड़ा महत्व है। यूं कहिये भारतीय घरों में तुलसी के पौधे का होना सिर्फ धार्मिक मान्यता नहीं बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक भी है। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, वहां मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग इसे आंगन, बालकनी या छत पर लगाते हैं, लेकिन केवल तुलसी लगाना ही काफी नहीं है, इसके साथ कुछ नियम और परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं।
अगर इन्हें ध्यान से अपनाया जाए तो घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और धन की बरकत हमेशा बनी रहती है। ऐसे में आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी से तुलसी से जुड़ी 5 जरूरी बातें-
ज्योतिषयों के अनुसार, तुलसी के पौधे को हर दिन जल देना बेहद शुभ माना गया है। सुबह स्नान के बाद तुलसी पर जल चढ़ाकर परिक्रमा करने से घर का वातावरण पवित्र रहता है और मन में सकारात्मकता आती है। रोजाना जल अर्पित करने से पौधा हरा-भरा रहता है और मां लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।
ज्योतिष के अनुसार, तुलसी और शिवलिंग को पास-पास रखना शुभ नहीं होता है। तुलसी माता लक्ष्मी का रूप मानी जाती है और यह भगवान विष्णु को अर्पित की जाती है, जबकि शिव पूजा में तुलसी पत्र का उपयोग नहीं होता, अगर तुलसी और शिवलिंग को एक साथ रखा जाए तो घर में वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।
तुलसी के पौधे में जब मंजरी (फूल) अधिक आने लगे तो उसे हटा देना चाहिए। मंजरी आने पर तुलसी की ऊर्जा पूजा के लिए कम असरदार हो जाती है। सूखी मंजरी को हटाने से पौधा लंबे समय तक ताजगी बनाए रखता है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सुख-समृद्धि को बनाए रखने में मदद करता है।
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। इस दिन तुलसी पर दूध अर्पित करना बेहद शुभ फल देने वाला होता है। ऐसा करने से चंद्रमा मजबूत होता है और घर में बरकत बनी रहती है। माना जाता है कि इससे धन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और तिजोरी कभी खाली नहीं होती है।
शास्त्रों के अनुसार रविवार और एकादशी के दिन तुलसी का स्पर्श करना, जल देना या पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। रविवार भगवान सूर्य को और एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन तुलसी को छूना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। इसलिए इन दिनों तुलसी को जल न दें।