AI की दस्तक: अगले 5 सालों में खतरे में हैं ये 8 नौकरियां, क्या आप तैयार हैं?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) धीरे-धीरे इंसानों की जगह ले रहा है। जिस वजह से कई रिपोर्ट में ये दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में देश में कई नौकरियों को AI पूरी तरह से बदल देगा।
- Written By: सिमरन सिंह
AI जो आने वाले समय में इन नौकरी को खा जाएगा। (सौ. Freepik)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल एक तकनीक नहीं रही, यह धीरे-धीरे इंसानों की जगह लेती जा रही है। स्मार्ट मशीनें अब ऐसी भूमिकाओं को संभाल रही हैं जिन्हें कभी इंसानी हाथों की ज़रूरत होती थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 5 वर्षों में 8 तरह की नौकरियां AI के निशाने पर हैं।
ड्राइवरों की जगह ले रही हैं स्मार्ट गाड़ियां
ट्रक ड्राइवर, टैक्सी चालकों और डिलीवरी बॉयज के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है। सेल्फ-ड्राइविंग व्हीकल्स और ड्रोन्स अब सड़कों और आसमान पर दौड़ रहे हैं। तकनीक के स्मार्ट होते ही, इन जॉब्स की जरूरत घटती जा रही है।
HR की भूमिका अब AI निभा रहा है
पहले HR टीमें इंटरव्यू लेती थीं, रिज्यूमे स्कैन करती थीं। अब ये काम AI टूल्स कर रहे हैं जो उम्मीदवार की स्किल्स, बिहेवियर और परफॉर्मेंस का विश्लेषण भी करते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
डिजिटल इकोनॉमी पर फोकस, राज्य सरकार ने बनाया ‘Electronics, IT And AI Commissionerate’
AI की दुनिया में छिड़ा ‘डिस्टिलेशन वॉर’: अमेरिका ने चीन पर लगाया बौद्धिक चोरी का आरोप, ट्रंप प्रशासन ने कसी कमर
अकोला CA पेशे में AI की भूमिका पर सेमिनार, 2027 के बाद क्वालिफाई होने वाले सदस्य होंगे पूरी तरह ‘AI रेडी’
AI की मदद से जिंदा हुआ बेटा, वीडियो में देख बुजुर्ग मां के चेहरे पर लौटी मुस्कान, VIDEO देख हो जाएंगे भावुक
कोडिंग की दुनिया भी बदल रही है
GitHub Copilot और ChatGPT जैसे टूल्स अब पूरे प्रोग्राम तैयार कर रहे हैं। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और कोडिंग का काम, जो कभी सुरक्षित करियर माना जाता था, अब AI की वजह से कम होता जा रहा है।
डेटा एंट्री और कस्टमर सर्विस एजेंट्स के लिए चुनौती
डेटा एंट्री ऑपरेटर जो रिपोर्ट और फॉर्म भरते थे, अब उनकी जगह AI ले चुका है। वहीं कस्टमर सर्विस चैटबॉट्स अब इंसानों से तेज और सटीक जवाब दे रहे हैं।
फैक्ट्रियों और बैंकों में घट रही है मानव जरूरत
ऑटोमेशन और रोबोटिक्स ने फैक्ट्रियों में मजदूरों की जगह लेना शुरू कर दिया है। वहीं बैंकिंग में अब क्लर्क्स की जरूरत घटती जा रही है, क्योंकि AI चैट और ऐप्स से काम हो रहा है।
पोस्ट ऑफिस कर्मचारी भी प्रभावित
मेल सॉर्टिंग से लेकर डिलीवरी तक अब AI और मशीनें संभाल रही हैं। जिससे पोस्टल वर्कर्स के काम में भी कटौती हो रही है।
क्या AI से डरें या सीखें?
AI जहां नौकरियां छीन रहा है, वहीं नई जॉब्स भी पैदा कर रहा है – जैसे AI इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट्स, मशीन लर्निंग एक्सपर्ट्स। ज़रूरत है री-स्किलिंग की। सरकार और कंपनियों को चाहिए कि लोगों को नई स्किल्स सिखाने के लिए ट्रेनिंग दें। “AI से डरने की नहीं, सीखने की जरूरत है।”
